हरियाणा के इस शहर में पटाखे फोड़ने पर सख्ती, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी नजर
Firecrackers ban : सर्दियां शुरू होने के साथ ही प्रदूषण बढ़ने लगा है। ऐसे दिवाली के मौके पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण की चिंता भी लोगों को सताने लगी है। इसको लेकर हरियाणा के जींद जिला प्रशासन ने पटाखों पर सख्ती करने का फैसला लिया है। इसके तहत 7 व 8 नवंबर को सिर्फ 2 घंटे रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई है। साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि जिले में गैर अनुमोदित पटाखे नहीं आ सकें। जिला प्रशासन का कहना है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत इसको लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि सर्दियों के दौरान (विशेषकर अक्टूबर से जनवरी तक) हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ जाता है।
इससे बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय के मरीजों को भारी परेशानी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 और विस्फोटक अधिनियम के तहत यह आदेश लागू कर दिए हैं।
ग्रीन क्रैकर्स की अनुमति
जिला मजिस्ट्रेट डा. वैशाली शर्मा के अनुसार जिले में केवल सीएसआईआर-नीरी द्वारा प्रमाणित और पीईएसओ द्वारा लाइसेंस प्राप्त ग्रीन क्रैकर्स यानी हरित पटाखों की ही बिक्री की अनुमति होगी। बिक्री के लिए रखे जाने वाले हर बॉक्स पर सील बंद होना और एक विशिष्ट नॉन-ट्रान्सफरबल क्यूआर कोड होना अनिवार्य है।
इसको स्कैन करने पर निर्माता, नीरी पंजीकरण और लाइसेंस की पूरी जानकारी देखी जा सकती है। त्योहारों के मद्देनजर ग्रीन क्रैकर्स का प्रयोग 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 बजे से सुबह 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। वहीं 9 नवंबर से पटाखों की बिक्री और उनके फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध
रहेगा।
इन स्थानों पर पटाखे चलाने पर रोक
साथ ही प्रशासन ने बेरियम युक्त या नीरी द्वारा गैर-अनुमोदित पटाखों, और लड़ियों वाले पटाखों के निर्माण, बिक्री व उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से भी पटाखों की ऑनलाइन खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा अस्पतालों, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थानों, वृद्धाश्रमों और अन्य शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे को ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित किया गया है। यहां पटाखे चलाना पूरी तरह वर्जित होगा।
संबंधित उपमंडल के एसडीएम को कमान
इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा उपमंडलों में एसडीएम और डीएसपी के नेतृत्व में संयुक्त निरीक्षण एवं गश्त टीमों का गठन किया है। यह टीम यह जांच करेंगी कि केवल क्यूआर कोड वाले प्रमाणित ग्रीन क्रैकर्स ही बिकें और तय समय का पालन हो। इसके साथ ही, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा दीवाली से पहले, दिवाली के दौरान और दीवाली के बाद की वायु गुणवत्ता की नियमित रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
