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कंधे पर 20 किलो का बैग, दुर्गम पहाड़…हरियाणा के पंकज ने 80 KM का सफर किया पूरा

 
Pankaj Singroha from Jind, Haryana, climbs mountains in Arunachal Pradesh.

Haryana news : अरूणाचल प्रदेश के अनछुए जंगलों में राष्ट्रीय हाई एल्टीट्यूड ट्रैक से 80 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई कर जींद के पंकज सिंगरोहा ने नई उपलब्धि हासिल की है। देश भर से 24 युवाओं का चयन इस यात्रा के लिए हुआ था, जिनमें पंकज हरियाणा से इकलौते थे। पहाड़ों की सपाट चढ़ाई, कीचड़, नदियों, घने जंगलों, गुग्यालों, घाटियों को पार करते हुए यह यात्रा पूरी हुई। 

9 अक्तूबर को पंकज समेत देश भर के 24 युवाओं ने यह चढ़ाई शुरू की थी। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित माय भारत पहल के अंतर्गत आयोजित हाई एल्टीट्यूड एक्सप्लोरेटरी ट्रैक के लिए पंकज का चयन हुआ था। इस प्रतिष्ठित ट्रैक का आयोजन इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन (आईएमएफ) द्वारा राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान (एनआईएमएएस), दिरांग, अरुणाचल प्रदेश में किया गया।

पंकज ने बताया कि अभियान के तहत सभी युवाओं के दल ने अरुणाचल प्रदेश के अनछुए और दुर्गम रास्तों की खोज की। दल ने 15 से 20 किलो के रक्सैक के साथ लगभग 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तय की। प्रतिदिन 12 किलोमीटर के आसपास की कठिन चढ़ाई, कीचड़, नदियों, घने जंगलों, बुग्यालों और घाटियों को पार करते हुए यह यात्रा पूरी की गई। युवाओं के दल का ट्रैक का रूट दिरांग-जिमथुंग-सांगती-चांदर-लगाम-थेंबांग रहा।

थेंबांग एक प्राचीन किलेबंद गांव है, जो यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल है। पंकज ने बताया, यह सिर्फ एक ट्रैक नहीं था, बल्कि जीवन का अनुभव था। अरूणाचल के अनछुए जंगल, वहां के मोनपा जनजाति का जीवन और कंधे पर 20 किलो का बैग लेकर रोज़ चलना, इससे उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत मजबूत बनाया। हरियाणा का अकेला प्रतिनिधि होने के नाते उसके लिए गर्व की बात है।