हाई कोर्ट के आदेश पर सरकार ने खोला खजाना, इन कर्मियों के खाते में आएंगे 19,900 रुपये महीना
Haryana news : हरियाणा की क्रेच कार्यकर्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश की 74 क्रेच कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 19,900 रुपये मासिक मानदेय देने के लिए बजट जारी कर दिया है।
विभाग की ओर से 3 नवंबर 2026 को जारी पत्र में संबंधित जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र याचिकाकर्ताओं को 10 नवंबर 2026 से पहले बढ़े हुए मानदेय का लाभ देना सुनिश्चित किया जाए।
विभाग का यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर CWP नंबर 18186 ऑफ 2025, सुशीला शर्मा एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य मामले में आए आदेश के बाद लिया गया है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विभाग ने 22 सितंबर 2026 से संबंधित 74 याचिकाकर्ताओं को न्यूनतम 19,900 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का निर्णय लागू किया है। खास बात यह है कि यह मानदेय बिना किसी महंगाई भत्ते (DA) के निर्धारित किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, क्रेच कार्यकर्ताओं के मानदेय में पहले से निर्धारित 15 हजार रुपये के बजट और नए निर्धारित 19,900 रुपये के बीच 4,900 रुपये का अंतर है। इसी अंतर के आधार पर संबंधित जिलों के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है।
विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में फरवरी 2027 तक के लिए बजट राशि जिलावार आवंटित कर दी है। इसके अलावा 22 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 तक के 9 दिनों का बकाया मानदेय भी इसमें शामिल किया गया है।
जिलावार आवंटित राशि पर नजर डालें तो जींद जिले की 10 क्रेच कार्यकर्ताओं के लिए कुल 2 लाख 59 हजार 700 रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें सितंबर के शेष 9 दिनों के लिए 14,700 रुपये और अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक के लिए 2 लाख 45 हजार रुपये शामिल हैं।
इसी प्रकार भिवानी की 5, फतेहाबाद की 3, हिसार की 7, झज्जर की 3, करनाल की 6, नूंह की 8, पलवल की 6, पंचकूला की 3, पानीपत की 7, रोहतक की 9 और सोनीपत की 7 क्रेच कार्यकर्ताओं को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा।
विभाग की ओर से जारी बजट विवरण के मुताबिक सभी 74 याचिकाकर्ताओं के लिए कुल 19 लाख 21 हजार 780 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें सितंबर के 9 दिनों के लिए 1 लाख 8 हजार 780 रुपये और अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक के लिए 18 लाख 13 हजार रुपये शामिल हैं।
विभाग ने संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सभी 74 याचिकाकर्ताओं को 22 सितंबर 2026 से न्यूनतम 19,900 रुपये मासिक मानदेय का लाभ देते हुए 10 नवंबर 2026 से पहले भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
