New project : राजस्थान की बिजली से रोशन होगा हरियाणा, सिवानी-जींद के बीच लगेंगे 270 बिजली टावर, किसानों को मिलेगा जमीन की कीमत का 30% मुआवजा
हरियाणा के पांच जिलों में अब बिजली सप्लाई राजस्थान से होगी। इसके लिए राजस्थान के बीकानेर से हरियाणा के जींद तक स्पेशल लाइन बिछाई जाएगी। बीकानेर में सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली की सप्लाई भिवानी के सिवानी से आगे जींद, सोनीपत, फतेहाबाद और पड़ोसी राज्य पंजाब के पातड़ा तक बिजली की सप्लाई होगी।
केंद्रीय बिजली मंत्रालय के अंतर्गत शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी जोन फेज-4 (बीकानेर) से उत्पादित होने वाली सोलर बिजली की सुगम निकासी के लिए ट्रांसमिशन लाइनों का जाल बिछाया जा रहा है। करीब पांच हजार करोड़ रुपए की लागत वाली इस मेगा परियोजना के पूरा होने से हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में बिजली संकट से स्थायी राहत मिलेगी और लोगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
ऊर्जा संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में देश भर में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत हरियाणा में भी युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस पूरी परियोजना का मुख्य केंद्र भिवानी जिले का सिवानी क्षेत्र बनाया जा रहा है, जहां एक बड़ा पावरग्रिड स्थापित किया जाएगा। बीकानेर से सीधे सिवानी तक 7.65 लाख वोल्टेज (765 केवी) की अति-उच्च दाब वाली मेन ट्रांसमिशन लाइन लाई जाएगी।
इसके बाद भिवानी के सिवानी से आगे जींद, सोनीपत, फतेहाबाद और पड़ोसी राज्य पंजाब के पातड़ा के लिए 400 केवी यानी 4 लाख वोल्टेज की अलग-अलग लाइनें निकाली जाएंगी। इन लाइनों के सुचारू संचालन के लिए 400 केवी डबल सर्किट क्वाड कंडक्टर ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण किया जाएगा, जिनके रास्ते में आने वाले टावरों के लिए किसानों से संवाद कर जमीन का मुआवजा तय किया जा रहा है।
सिवानी से जींद तक बिछेगी 99.8 किमी नई लाइन, जमीन का होगा अधिग्रहण
केंद्र सरकार के इस प्रोजेक्ट के तहत बीकाने से सिवानी तक अलग लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद सिवानी से जींद के बीच में 99.8 किलोमीटर की दूरी की नई हाईटेंशन बिजली लाईन बिछाई जाएगी। इसके लिए भिवानी, हांसी, हिसार व जींद के खेतों से होकर निकलेगी। ऐसे में सरकार द्वारा इन चार जिलों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और इनकी जमीन पर 270 बिजली टावर लगाए जाएंगे।
किसानों से उनके खेतों में टावर लगाने के लिए अनुबंध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला के जाजवान, ढांडाखेड़ी, बरसोला और खटकड़ गांवों के खेतों से 26 टावर लगेंगे। जींद जिले की बात करें तो सिवानी से यह लाइन सीधी खटकड़ गांव स्थित पावरग्रिड में पहुंचेगी। फिलहाल खटकड़ में 220 केवी का पावरग्रिड मौजूद है, जिसकी क्षमता को इस प्रोजेक्ट के तहत और बढ़ाया जाएगा। इसके बाद यहां से बिजली निगम के माध्यम से पूरे जींद जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त मात्रा में बिजली की सप्लाई पहुंचाई जा सकेगी।
किसानों को मिलेगा जमीन की वैल्यू का 30 प्रतिशत मुआवजा,
बिजली के टावर लगाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। नियमों के मुताबिक, टावर और लाइन के नीचे आने वाले करीब 46 मीटर चौड़े कॉरिडोर (गलियारे) का इस्तेमाल ट्रांसमिशन लाइन के लिए किया जाएगा। जमीन का मालिकाना हक पूरी तरह से किसान के पास ही सुरक्षित रहेगा, लेकिन कारिडोर के इस्तेमाल के एवज में किसानों को जमीन की तय वैल्यू का 30 प्रतिशत हिस्सा मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा।
हालांकि, कई इलाकों में किसान जमीनों के हिसाब से अलग-अलग मुआवजा दरों की मांग कर रहे हैं, जिसके समाधान के लिए संबंधित जिला प्रशासन, ट्रांसमिशन कंपनी के प्रतिनिधियों और किसानों की एक संयुक्त कमेटी रेट तय करने में जुटी है ताकि बिना किसी रुकावट के इस राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया जा सके।
जींद के 4 गांवों के खेतों से गुजारी जाएगी लाइन
जींद के एसडीएम सत्यवान मान ने बताया कि राजस्थान बीकानेर की सोलर पावर से अब हरियाणा जगमग होगा। इसके लिए सिवानी से सीधे जींद व अन्य कई जिलों में लाइनें जाएंगी। जींद जिले के चार गांवों के खेतों से होकर 4 लाख वोल्टेज की लाइन आएगी, जिसके लिए संबंधित किसानों से बातचीत जारी है। जल्द ही वैल्यू तय होते ही किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
