Land rate : हरियाणा के 29 गांवों की जमीन का मार्केट रेट तय, किसानों ने कहा- कम दरें मंजूर नहीं
हरियाणा में हाईटेंशन पावरग्रिड लाइन बिछाने के लिए सरकार द्वारा किसानों की जमीन के रेट तय कर दिए है। इस प्रोजेक्ट में हरियाणा के 29 गांवों के किसानों की जमीन से निकलेगा। खेतड़ी-नरेला 765 केवी हाईटेंशन पावरग्रिड लाइन से प्रभावित 29 गांवों के किसानों के लिए जमीन के मार्केट रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
करीब एक साल से लंबित इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद भी किसानों का असंतोष बरकरार है। भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि जिन गांवों में मार्केट रेट कम तय हुए हैं, उनके लिए संघर्ष जारी रहेगा और कमिश्नर के समक्ष अपील की जाएगी।
खेतडी-नरेला 765 केवी लाइन से प्रभावित किसानों ने कहा कि जिन गांवों में कम दरें तय हुई उनके लिए अपील करेंगे। मोर्चा के अनुसार, किसान 8 अक्टूबर 2025 से जिला सचिवालय में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों की मांग थी कि हाईटेंशन लाइन और टावरों के कारण कृषि भूमि के उपयोग तथा बाजार मूल्य पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उचित मुआवजा दिया जाए।
मोर्चा ने दावा किया कि पावरग्रिड अधिकारियों की ओर से मार्केट रेट के आधार पर मुआवजा देने को लेकर असहमति जताई गई थी। इसके बाद किसान लगातार प्रशासन के समक्ष अपनी मांग उठाते रहे।
मोर्चा के जिला सचिव मनोज कुमार गुढ़ा ने कहा कि मार्केट रेट निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होना एक रहे। जिन गांवों के रेट कम रह गए हैं, उनके लिए आगे भी आवाज उठाई जाएगी। किसानों की ओर से हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा सरकार का भी आभार जताया गया।
मोर्चा ने प्रभावित किसानों से उचित मुआवजा मिलने तक एकजुट रहने की अपील की। इस मौके पर हवासिंह खेड़ा, मुकेश यादव, रमेश यादव, रामनिवास पटौदा, अंकित यादव, मदन सिंह, शेरसिंह सहित कई किसान मौजूद थे।
