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हरियाणा को वर्ल्ड बैंक से मिलेंगे 4 हजार करोड़, बंजर जमीन से सोना उपजाने की तैयारी

 
हरियाणा को वर्ल्ड बैंक से मिलेंगे 4 हजार करोड़, बंजर जमीन से सोना उपजाने की तैयारी

हरियाणा में बंजर और डूबी हुई जमीन अब सोना उगलने लगेगी। इसके लिए सरकार की खास योजना है। साथ ही इस योजना को अब वर्ल्ड बैंक से भी मदद मिल गई है। क्योंकि वर्ल्ड बैंक ने किसानों की मदद के लिए बनी इस योजना के लिए 4 हजार करोड़ रुपये का लोन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस परियोजना के तहत दोनों ही स्थिति में खेतों का सुधार होगा। यानी जहां पानी नहीं पहुंचता, वहां  सिंचाई की सुविधा होगी और जहां खेत डूबे रहते हैं, वहां से जलनिकासी की योजना बनेगी। वर्ल्ड बैंक के सहयोग से होने वाली इस परिोजना से अब दोनों परेशानियों का स्थाई समाधान करने की तैयारी है। 

हरियाणा में पानी संरक्षण के लिए सरकार द्वारा  जल सुरक्षित हरियाणा नाम से मेगा प्रोजेक्ट शुरू कर रही है। इसी परियोजना के लिए वर्ल्ड बैंक से आर्थिक मदद मिल रही है। इसके लिए 4000 करोड़ रुपये के लोन मिलेगा। हालांकि परियोजना पर करीब 5714 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। साल 2032 तक अलग-अलग चरणों में यह योजना लागू की जानी है। 

2 लाख एकड़ में जलभराव

दरअसल हरियाणा में करीब 2 लाख एकड़ जमीन ऐसी है, जहां जलभराव रहता है। यहां किसी भी प्रकार की फसल की बिजाई नहीं होती। जमीन पूरी तरह से बेकार है। पहले लक्ष्य के तहत इस जमीन को खेती के लिए तैयार करने की योजना है। इस विशाल क्षेत्र में पैदावार शुरू होने से हरियाणा को आर्थिक समृद्धि मिलेगी।

इसके अलावा सूखे यानी बरानी क्षेत्रों में सिंचाई के लिए भी खास योजना है। इस परियोजना के तहत ऐसी नहरें, जाहं पानी नहीं जा रहा है, वहां सिंचाई की सुविधा दी जाएगी। इस पूरी व्यवस्था को नई तकनीक के आधार पर तैयार किया जाएगा। इस योजना से प्रदेश में 678 नहरों का कायाकल्प होना है। इसमें से भी 106 नहरें ऐसी हैं जो वर्ल्ड बैंक के पैसे संवारी जाएंगी। वहीं 293 नहरों के सुधार के लिए राज्य सरकार बजट देगी। इसके अलावा बची हुई 279 नहरों का सुधार नाबार्ड से मिलने वाली राशि से किया जाएगा।