हरियाणा में लाल डोरे की संपत्तियों को मिलेगा मालिकाना हक, 25.50 लाख लोगों के लिए खुलेगा पोर्टल
Lal Dora Land : हरियाणा में लाल डोरे के दायरे में आने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवादों का सामना कर रहे लोगों को राहत मिलने जा रही है। प्रदेश में करीब 25.50 लाख लोगों को प्रॉपर्टी कार्ड (पजेशन कार्ड) जारी किए जाएंगे।
कार्ड जारी होने से पहले संपत्तियों से जुड़े विवादों का निपटारा किया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग अगले सप्ताह पोर्टल खोलने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश सरकार ने लाल डोरे से संबंधित विवादों के समाधान की जिम्मेदारी नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों को सौंपी है। विवादों के निपटारे के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पोर्टल के माध्यम से अपनी दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
6260 गांवों में हो चुका है सर्वे
हरियाणा में लाल डोरे के तहत स्वामित्व देने की योजना वर्ष 2020 में शुरू की गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत राज विभाग और शहरी क्षेत्रों में शहरी स्थानीय निकाय विभाग को योजना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। योजना के तहत प्रदेश के 6260 गांवों में सर्वे कराया जा चुका है। ड्रोन के माध्यम से मैपिंग कर संपत्तियों को चिह्नित किया गया और उनकी आईडी तैयार की गई। इस दौरान 183 रुपये में संपत्तियों की आईडी बनाई गई।
हालांकि, पंचायत राज विभाग की ओर से आगामी कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब सरकार ने नियमों में बदलाव कर राजस्व विभाग को विवादों के निपटारे की जिम्मेदारी दी है।
दावे-आपत्तियों के बाद जारी होंगे कार्ड
राजस्व विभाग अगले एक से दो सप्ताह में पोर्टल खोल सकता है। इस पर लोग अपनी संपत्तियों से संबंधित दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद पटवारी जांच करेंगे और कानूनी प्रक्रिया के तहत नायब तहसीलदार व तहसीलदार विवादों का निपटारा करेंगे।
यदि किसी संपत्ति को लेकर कोई विवाद नहीं मिलता है तो संबंधित मालिक को प्रॉपर्टी कार्ड जारी किया जाएगा। इससे संपत्ति के मालिकाना हक का रिकॉर्ड तैयार होगा और लोगों को अपनी संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण मिल सकेगा।
1500 नए पटवारी संभालेंगे जिम्मेदारी
प्रदेश में इस वर्ष करीब 2600 पटवारी नियुक्त किए गए हैं। इनमें से 1500 पटवारियों को लाल डोरे से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। ये पटवारी संपत्तियों की जांच, दावे-आपत्तियों के सत्यापन और रिकॉर्ड तैयार करने में सहयोग करेंगे।
प्रॉपर्टी कार्ड से संपत्ति का मालिकाना हक होगा स्पष्ट
प्रॉपर्टी कार्ड जारी होने के बाद लोग अपनी संपत्ति का कन्वेंस डीड (रजिस्ट्री) करा सकेंगे। इससे संपत्ति की खरीद-बिक्री के दौरान मालिकाना हक को लेकर होने वाली समस्याएं कम होंगी। संपत्ति को बैंक में गिरवी रखकर ऋण लेने की सुविधा भी मिल सकेगी। इसके अलावा संपत्ति के मालिकों को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी। जमीन की बिक्री के दौरान निर्धारित स्टांप शुल्क देना होगा।
हरियाणा भू-अभिलेख निदेशालय के निदेशक डॉ. यशपाल ने बताया कि पोर्टल खुलने के बाद लोग प्रॉपर्टी कार्ड के लिए दावे कर सकेंगे। संपत्ति से संबंधित विवादों का निपटारा करने के बाद पात्र लोगों को कार्ड जारी किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर स्पष्टता आएगी और लोगों को राहत मिलेगी।
