हरियाणा के सरकारी शिक्षकों को हाईकोर्ट से झटका, अब शैक्षणिक सत्र के बीच में भी हो सकेगा तबादला
Haryana Teacher Transfer : मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूलों में तैनात पीआरटी और जेबीटी शिक्षकों को हाईकोर्ट से झटका लगा है।
क्योंकि अब शैक्षणिक सत्र के बीच भी शिक्षकों को तबादला हो सकेगा। शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादलों को लेकर शिक्षकों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
शिक्षकों ने उस आदेश को अदालत में चुनौती दी थी, जिसमें शैक्षणिक सत्र के बीच में भी शिक्षकों को दूसरे जिले तबादला किया जा सकता है।
इस आदेश को चुनौती देते हुए शिक्षकों द्वारा मांग की जा रही थी कि जिस स्कूल में वे तैनात हैं, वहीं पर उनको उचित कार्यभार सौंपा जाए।
हालांकि सरकार द्वारा कुछ शिक्षकों को नए स्कूल आवंटित करते हुए कार्यभार संभालने के आदेश दिए थे।
शिक्षकों का कहना था कि इसके लिए उनको बाध्य नहीं किया जाए। इसको लेकर 25 सितंबर, 2026 को सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
इस आदेश के सरकार सरकार ने कहा था कि जिन शिक्षकों को नए स्कूल अलाट हुए हैं, वे तत्काल प्रभाव से कार्यरत स्कूलों से कार्यमुक्त नए स्कूल में कार्यभार संभाल लें।
इस पर पंजाब एवं हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए दलील दी गई कि 30 जुलाई, 2026 को सरकार द्वारा जारी की गई शिक्षक तैनाती नीति के तहत अधिकतम अवधि पांच वर्ष निर्धारित है।
ऐसे में अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील द्वारा संजय कुमार बनाम हरियाणा सरकार मामले में दिए गए आदेश का हवाला भी दिया।
क्योंकि इसमें अदालत ने शैक्षणिक सत्र पूरा होने तक शिक्षक को संरक्षण दिया गया था। इसी आधार पर अब शिक्षक राहत मांग रहे थे।
दोनों मामले नहीं बराबर
वहीं इस मामले में हरियाणा सरकार की ओर से सरकारी वकील ने कहा कि जिस संजय कुमार मामले का जिक्र किया जा रहा है, वह इससे अलग है।
क्योंकि तब शिक्षकों को विशेष परिस्थितियों के कारण राहत दी गई थी। फिलहाल की स्थिति में याचिकाकर्ता 2024 में ही अपने आवंटित जिलों में कार्यभार संभाल रहे हैं।
संजय कुमार मामले में क्यों मिली राहत
दरअसल इस मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जज जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने पाया कि संजय कुमार मामले में शिक्षक को जनगणना कार्य में तैनात किया गया था।
इसी के कारण 2024 में मिले अंतरिम संरक्षण के कारण नए आवंटित जिलों में कार्यभार नहीं संभाल पाए। इसमें पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से सत्र समाप्त तक मिली थी।
