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हरियाणा में इन किसानों को मिलेगी 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली, सैनी सरकार का बड़ा एलान

HARYANA FARMER NEWS: सैनी सरकार कृषि फीडर से जुड़े मछली और झींगा पालकों को 10 पैसे यूनिट बिजली दी जाएगी।
 
 सैनी सरकार कृषि फीडर से जुड़े मछली और झींगा पालकों को 10 पैसे यूनिट बिजली दी जाएगी।

HARYANA NEWS : हरियाणा में किसानों के लिए बड़ी अच्छी खबर सामने आ रही है।  सैनी सरकार ( HARYANA GOVERMENT) के एलान के बाद अब बिजली बिल से छुटकारा मिलने वाला है, बता दे की सरकार किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।  


 झींगा पालकों को 10 पैसे यूनिट बिजली

अधिक जानकारी के लिए बता दे की मत्स्य पालन करने वाले किसानों के लिए बड़ी अच्छी खबर सामने आ रही है। सैनी सरकार कृषि फीडर से जुड़े मछली और झींगा पालकों को 10 पैसे यूनिट बिजली दी जाएगी।

वहीँ दूसरी तरफ गैर-कृषि फीडरों से जुड़े 20 किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं को किसान उत्पादन संगठन (FPO) और कृषि उद्योग श्रेणी के अंतर्गत 4.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी।

अधिक जानकारी के लिए बता दे की इस श्रेणी में लोड सीमा को 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट तथा बिजली की दर 6.60 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 4.75 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है।


100 करोड़ की लागत से आधुनिक मंडिया 

अधिक जानकारी के लिए बता दे की सरकार ने 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' के अंतर्गत हिसार एवं फरीदाबाद जिलों में कुल 100 करोड़ रुपये की लागत से दो आधुनिक मछली मंडियां स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। जिसका प्रदेश के लोगों को भरपूर लाभ मिलने वाला है ,वहीँ श्याम सिंह राणा ने बताया कि ज्योतिसर एवं सांपला स्थित सरकारी मत्स्य बीज फार्मों का सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण किया जा रहा है। इन पर 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।


मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में मत्स्य एवं झींगा पालन(Fisheries and shrimp farming)  के लिए कृषि फीडरों से बिजली प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को 10 पैसे प्रति यूनिट की दर पर बिजली देने की बात कही थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। श्याम सिंह राणा ने बताया कि ज्योतिसर एवं सांपला स्थित सरकारी मत्स्य बीज फार्मों का सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण किया जा रहा है।

इन पर 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीँ उन्होंने बताया की करनाल में 50 करोड़ रुपये की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई (Fish processing unit) स्थापित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है।