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हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला, युवाओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंटों पर होगी बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने इसको लेकर व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत यह तय किया गया है कि हरियाणा प्रदेश में ट्रैवल एजेंट का व्यवसाय करने वालों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाना होगा
 
युवाओं के साथ धोखाधड़ी मामले में अब होगी बड़ी कार्रवाई

Haryana Cabinet meeting : हरियाणा में युवाओं को गलत तरीके से विदेश भेजने वाले एजेंटों पर अब सरकार की सख्त कार्रवाई होगी। इसको लेकर सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। मंगलवा को चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने इसको लेकर व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत यह तय किया गया है कि हरियाणा प्रदेश में ट्रैवल एजेंट का व्यवसाय करने वालों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाना होगा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि इस नियम के तहत पहले से काम कर रहे और नए बनने वाले ट्रैवल एजेंटों को अपने प्रत्येक कार्यालय या शाखा का अलग से पंजीकरण कराना होगा। प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए भी अलग पंजीकरण जरूरी होगा। इसमें पासपोर्ट सेवाएं, टूर एवं ट्रैवल एजेंसी सेवाएं, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी के साथ टिकटिंग सेवाएं भी शामिल की गई हैं। 

 इसके लिए नियम बना है कि पहले इसके लिए पुलिस सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होगी। इसके बाद सक्षम अधिकारी 30 दिनों के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र को पूरी करेगा। 1 बार प्रमाण पत्र बनवाने पर यह तीन साल के लिए मान्य होगा। यानी 3 साल के बाद फिर से पंजीकरण की प्रक्रिया करनी होगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में बड़े स्तर पर युवाओं को विदेश भेजने वाले ट्रैवलर कार्य कर रहे हैं। इनमें कईयों के पंजीकरण भी नहीं है। ऐसे में मामले आ रहे थे कि युवाओं को गलत तरीके और डंकी रूट से विदेशों में भेजा जा रहा था। इसके लिए मोटी रकम भी ली जाती है। 

सार्वजनिक होगी पंजीकृत एजेंट्स की सूची


इसके बाद जब सभी एजेंट्स पंजीकरण करवा लेंगे, उनकी सूची जिला-वार अंत्योदय सरल पोर्टल और गृह विभाग एवं पुलिस विभाग की वेबसाइट अपलोड की जाएगी। ताकि एजेंट्स से बातचीत करने वाले युवाओं को पता रहे कि जिससे वे बात कर रहे हैं, वह पंजीकृत है या नहीं।


जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के पद पर सीधी भर्ती


साथ ही मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि अब जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के पद पर सीधी भर्ती होगी। इसके लिए हरियाणा एजुकेशनल कॉलेज कैडर (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1986 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। साथ ही इससे पदोन्नति के लिए अभ्यर्थी का भौतिक, रसायन, गणित या जीव विज्ञान विषयों के साथ 10+2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। जो अभ्यार्थी सीधी भर्ती में आएंगे, उनके लिए जरूरी है कि मान्यता प्राप्त कॉलेज में लैबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच वर्ष का अनुभव हो। इसके लिए आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है।

नई लैंड पूलिंग पॉलिसी को मंजूरी 


साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नई लैंड पूलिंग पॉलिसी को भी मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य है कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध हो सके। नई नीति के तहत स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार परियोजना के कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा भू-मालिकों को तथा शेष 50 प्रतिशत हिस्सा विकास एजेंसी को दिया जाएगा। 

इसके तहत भू-मालिकों के 50 प्रतिशत हिस्से में से पात्रता के अनुसार कुछ हिस्सा वाणिज्यिक साइट के रूप में दिया जाएगा। भू-मालिकों को दिए जाने वाले विकसित प्लॉट का न्यूनतम आकार निर्धारित किया गया है।

आवासीय प्लॉट 100 वर्ग मीटर, संस्थागत प्लॉट 500 वर्ग मीटर और औद्योगिक प्लॉट 250 वर्ग मीटर तय किया गया है। लैंड एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट धारक अपने प्रमाणपत्रों को आपस में जोड़कर बड़े आकार के विकसित प्लॉट के लिए संयुक्त रूप से आवेदन कर सकेंगे।