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दिवाली से पहले हरियाणा के BPL परिवारों को तोहफा! अब सिर्फ 5 हजार रुपये में लगेगा सोलर सिस्टम

CM ने गरीब परिवारों को पांच हजार में सोलर लगवाने के प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर करके इसको वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है, ताकि तेजी से काम हो सके। वित्त विभाग ने भी मुहर लगाकर फाइल को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को भेज दी है।
 
5 हजार रुपये में लगेगा सोलर सिस्टम

HARYANA SOLAR SYSTEM : दीपावली पर्व पर हरियाणा सरकार ने बीपीएल यानी अंत्योदय परिवार को बड़ा तोहफा दिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हर घर पर सोलर सिस्टम लगाने के अभियान के तहत इस स्कीम को मंजूरी दी है। अब हरियाणा सरकार द्वारा मात्र पांच हजार रुपये में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाया जाएगा। हरियाणा सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों के लिए पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्पेशल योजना की घोषणा की है।

सोलर सिस्टम पर आने वाला बाकि खर्च को हरियाणा सरकार द्वारा उठाया जाएगा और पांच हजार के अलावा बीपीएल परिवारों को कोई अन्य खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। 

आने वाले 20 दिन के अंदर बीपीएल परिवारों को मात्र पांच हजार रुपये में सोलर लगने की स्कीम का फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। दूसरी खास बात है कि सोलर पैनल बिजली निगम की संबंधित शाखा लगाकर देगी, जिसमें वे खुद वेंडर्स से संपर्क कर अंत्योदय परिवार को योजना का लाभ दिलवाएंगे। अंत्योदय परिवार को दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करवाने होंगे, संबंधित अधिकारी मानिटर कर कार्य को गति देंगे।
 

यह है योजना का लक्ष्य

पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के हिसार जिले में 8150 उपभोक्ता संबंधित योजना का लाभ उठा चुके हैं। 2024 से शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य देश के एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगा हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है।
 

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि बीपीएल यानी अंत्योदय परिवार को मात्र पांच हजार रुपये में पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल सकेगा। सीएम ने मंजूरी दे दी है। आगामी कार्रवाई के लिए फाइल को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को भेजी है। अगले 25 दिन से पहले योजना जमीन पर उतर जाएगी।
 

इन परिवारों के घरों पर लगेंगे पांच हजार में सोलर सिस्टम

परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख से कम हो

विशेष रूप से पिछड़े जनजाति के लोग, परिवार के पास भूमि न हो, विधवा, वृद्ध व्यक्ति और दिव्यांगजन, असंगठित क्षेत्र के दैनिक मजदूर (रिक्शा चालक, कुली, रेहड़ी-पटरी वाले) व पारंपरिक ग्रामीण कारीगर (कुम्हार, बढ़ई, बुनकर, लोहार) शामिल हैं।