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हरियाणा में स्टे के बावजूद इंतकाल करना पड़ा भारी, नायब तहसीलदार, कानूनगो व हलका पटवारी पर कार्रवाई 

Haryana news : इंतकाल दर्ज करने का मामला सफीदों एसडीएम और हिसार कमिश्नर अदालत में में लंबित होने के बावजूद इसका इंतकाल दर्ज किया गाया। इतना ही नहीं कमिश्नर अदालत ने इस जमीन का इंतकाल दर्ज नहीं करने का स्थगन आदेश भी दिया गया है।
 
हरियाणा में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही

Jind News : हरियाणा के जींद में राजस्व विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मामला पिल्लूखेड़ा तहसील से जुड़ा हुआ है। यहां एक ऐसी जमीन का इंतकाल दर्ज कर दिया, जिस पर पहले ही स्टे था। साथ ही इस मामले की सुनवाई एसडीएम और कमिश्नर कोर्ट में चल रही थी। ऐसे में नायब तहसीलदार, कानूनगो और हलका पटवारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

इस जमीन का विवाद एसडीएम और कमिश्नर की कोर्ट में विचाराधीन था। साथ ही इस पर इंतकाल दर्ज नहीं करने के स्थगन आदेश भी हैं। इसके बावजूद पिल्लूखेड़ा तहसील में जमीन का इंतकाल दर्ज किया गया। इस पर पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने नायब तहसीलदार, कानूनगो व हलका पटवारी के खिलाफ केस दर्ज किया है।

मंत्री के समक्ष उठा मामला


दरअसल यह मामला जिला परिवेदना समिति की बैठक में 25 सितम्बर को खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के समक्ष उठाया गया था। इसकी सुनवाई के बाद मंत्री गौरव गौतम ने इस मामले से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। 

इसके आधार पर जब आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की तो कई गड़बड़ियां सामने आई। इसी जांच के आधार पर अब पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच करेगी और इसके बाद अधिकारिक रूप से आरोपों की पुष्टी हो पाएगी। 

भाईयों के बंटवारे का विवाद


इस मामले में पिल्लूखेड़ा तहसील के अधीन आने वाले गांव रजाना खुर्द निवासी लाभ सिंह से शिकायत दी थी। इसमें कहा गया कि 3 भाइयों बादल सिंह, कर्ण सिंह और दलबीर के हिस्से में कुल 33 एकड़ जमीन है।

इस जमीन के बंटवारे के लिए विवाद हुआ था। इसमें कर्ण सिंह के बेटे लाभ सिंह ने मामला अदालत तक पहुंचाया।

लाभ सिंह का कहना है कि इंतकाल दर्ज करने का मामला सफीदों एसडीएम और हिसार कमिश्नर अदालत में में लंबित होने के बावजूद इसका इंतकाल दर्ज किया गाया। इतना ही नहीं कमिश्नर अदालत ने इस जमीन का इंतकाल दर्ज नहीं करने का स्थगन आदेश भी दिया गया है।

इसके बाजवूद पिल्लूखेड़ा तहसील में 9 जुलाई 2025 को 3 एकड़ जमीन का इंतकाल बादल सिंह के नाम दर्ज कर दिया गया। यह जमीन जींद-सफीदों मार्ग के साथ लगती है। इसमें लाभसिंह का आरोप है कि इस जमीन का अलग इंतकाल कर इसको ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज कर दिया गया। 


लाभ सिंह का कहना है कि इस जमीन की खेवट संख्या 285 थी। वहीं इसको बदल कर 319 और 320 कर दिया गया। खेक्ट संख्या 319 बादल सिंह और 320 उनके पिता कर्ण सिंह के नाम दर्ज हुई है। इस बंटवारे को लेकर अदालत में याचिका लगाई गई थी।