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Haryana News : हरियाणा के इन 47 गांवों में जमीन खरीद-फरोख्त पर रोक, करोड़ों के जमीन सौदे अटके

 

नई कालोनी विकसित करने वाले कलोनाइजरों को हरियाणा सरकार की तरफ से बड़ा झटका दिया है। फिलहाल खरखौदा में मारुति का प्लांट लगने के बाद जमीनों की सौदे धड़ाधड़ हो रहे थे और दिन रात में ही जमीन के रेट आसमान को छू रहे थे, लेकिन इसी बीच में हरियाणा सरकार की तरफ से गजट नोटिफिकेशन जारी करके खरखौदा के आसपास के 47 गांवों में जमीन की बिक्री पर ही रोक लगा दी।

अचानक जारी हुए नोटिस के बाद कालोनी काटने वाले व इन क्षेत्र में जमीन का सौदा करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। इसके कारण अचानक ही हजारों जमीनी सौदे प्रभावित हो गए है।

खरखौदा शहर के अर्बन एरिया की परिधि बढ़ा दी है। शहर की सीमा से करीब 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों समेत कुल 47 गांवों में सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर रूल 7ए लागू कर दिया है।

इसके बाद इस क्षेत्र में जमीन की छोटे-छोटे टुकड़ों में अनधिकृत खरीद-फरोख्त और कॉलोनी विकसित करने पर रोक लगाने का रास्ता साफ हो गया है। टाउन प्लानिंग विभाग के डीपी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि संबंधित गांव में 7ए के तहत एनओसी के साथ ही रजिस्टर हो पाएंगी।

अर्बन एरिया की परिधि खरखौदा बाईपास को केंद्र मानकर करीब 5 किलोमीटर के आसपास निर्धारित की गई है। इसकी शुरुआत सिसाना क्षेत्र से होती हुई सेहरी से पहले के क्षेत्र, खांडा, चौलका, झरोठ और झरोठी से पहले के हिस्से तक जाती है।

इसके बाद आनंदपुर, थाना कलां-थाना खुर्द क्षेत्र को घेरे हुए कवाली से पहले और सैदपुर-जटोला के बीच से आगे बढ़ती है। परिधि रामपुर-कुंडल, पिपली, गोपालपुर, खुरमपुर, रोहणा, छिनौली और मटिंडू क्षेत्र को शामिल करते हुए वापस सिसाना की तरफ आकर पूरी होती है।

जमीन की रजिस्ट्री पर बढ़ेगी निगरानी

रूल 7ए के दायरे में सिसाना, गढ़ी सिसाना, सेहरी, खांडा, चौलका, झरोठ, झरोठी, आनंदपुर, थाना कलां, थाना खुर्द, कवाली, सैदपुर, जटोला, रामपुर, कुंडल, गढ़ी निजामपुर, फिरोजपुर, झिंझोली, हलालपुर, नाहरा, नाहरी, कतलूपुर, मुनिरपुर, खेड़ी मंजात, छत्तहरा, अकबरपुर बारोटा, मल्हा माजरा, रोहट, फतेहपुर, मोहम्मदाबाद, गढ़ी बाला, पिपली, गोपालपुर, खुरमपुर, रोहणा, छिनौली, मटिंडू, पाई, पहलादपुर, किढौली, सोहटी समेत अन्य गांव शामिल हैं।

अनधिकृत कॉलोनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

अब अर्बन एरिया में जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर कॉलोनी विकसित करने की गतिविधियों पर विभागीय निगरानी बढ़ेगी। रूल 7ए लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के लिए संबंधित प्राधिकरण की स्वीकृति जरूरी होगी। टाउन प्लानिंग विभाग या नगर पालिका की एनओसी के बिना अनधिकृत तरीके से प्लॉट काटकर बिक्री करने पर रोक लगा दी है।