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खतरनाक जोन में पहुंच रहा AQI, सुबह छाने लगा स्मॉग, 3 किसानों पर पराली जलाने का केस दर्ज 

 
खतरनाक जोन में पहुंच रहा AQI, सुबह छाने लगा स्मॉग, 3 किसानों पर पराली जलाने का केस दर्ज 

हरियाणा में प्रदूषण का स्तर (AQI) बढ़ने लगा है। हालांकि पराली जलाने के मामलों में पिछले साल के मुकाबले काफी कमी आई है। पिछले साल जहां एक नवंबर तक 25 एकड़ में पराली जलाने पर 12 किसानों पर एफआइआर दर्ज हुई थी।

वहीं इस बार करीब पौने छह एकड़ में पराली जलाने पर तीन किसानों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है। रविवार को हरसैक से मालसरी खेड़ा गांव की लोकेशन प्राप्त हुई है। कृषि विभाग की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी। अगर पराली जलाई पाई जाती है, तो संबंधित किसान के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा।

बेशक, अभी पराली जलाने के मामले कम हैं, लेकिन प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। रविवार को औसतन एक्यूआइ 247 रहा। सुबह के समय हल्का स्माग भी छाया हुआ था। हवा नहीं चलने और ठंड की वजह से धुआं व धूल वायुमंडल में जमा हो रही है। इसी वजह से एक्यूआइ बढ़ रहा है। जबकि शनिवार को औसतन एक्यूआइ 69 था।

पिछले साल एक नवंबर को औसतन एक्यूआइ 326 था। प्रशासन पराली जलाने के मामलों में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास में जुटा है। प्रत्येक गांव में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जो किसानों को जागरूक करने के साथ ही खेतों में निगरानी भी रख रहे हैं। जिला कृषि उप निदेशक डा. सुखदेव कंबोज ने कहा कि किसानों को टीमें गांवों में जाकर पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक कर रही हैं।

कंबाइन से कटाई के बाद बाकी फसल अवशेष की गांठ बनाने के लिए किसानों को बेलर भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिससे पराली जलाने के मामलों में काफी कमी आई है। किसानों से अपील है, वे पराली को जलाने की बजाय उसका प्रबंधन करें।