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कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग हुई बुलंद, हरियाणा सरकार को इस राज्य की नीति अपनाने की अपील

 

हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भुपेंद्र हुड्डा ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की दो साल की पॉलिसी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार को भी उसी पॉलिसी को आधार बनाकर प्रदेश के आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों को पक्का करना चाहिए। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों के ऐसे सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की है, जो दो साल से अनुबंध अथवा डेली वेजिज आधार पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

विधानसभा में उठा था मुद्दा

हुड्डा ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस पार्टी द्वारा जब सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का मुद्दा उठाया गया था, तब कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने दावा किया था कि पूरे देश में दो साल से काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की पॉलिसी नहीं है। यदि उन्हें यह पॉलिसी लाकर दे दी जाए तो सरकार आंदोलन कर रहे सफाईकर्मियों को पक्का करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि पूर्व की हमारी कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में तीन साल से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की पॉलिसी बनाई थी। यदि बीजेपी सरकार उस पॉलिसी के अंतर्गत राज्य के कच्चे कर्मचारियों को नियमित नहीं करना चाहती तो उसे हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की पॉलिसी का अध्ययन करना चाहिए और उसके आधार पर कच्चे आंदोलनरत कर्मचारियों को नियमित करने की पहल करनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल सरकार की अनुबंधित कर्मचारियों के नियमितीकरण की नीति के तहत दो साल की लगातार सेवा महत्वपूर्ण पात्रता अवधि है। एक अप्रैल 2026 के कार्मिक विभाग के निर्देश के मुताबिक, जिन अनुबंधित कर्मचारियों ने 31 मार्च 2026 तक 2 साल की लगातार सेवा पूरी कर ली है, उन्हें नियमित किया जा सकता है। साथ ही, जो कर्मचारी 30 सितंबर 2026 तक दो साल पूरे करेंगे, उन्हें भी 30 सितंबर के बाद नियमितीकरण के लिए लिया जाना है।