हरियाणा में 7.50 लाख रुपये में बिका महज 3 साल का झोटा, लक्ष्य की कद काठी देख फैन हुआ पूरा पशुमेला
HARYANA nEWS : कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन के साथ-साथ हरियाणा के किसान अब पशुपालन में भी नए कीर्तिमान बना रहे हैं। इसकी कड़ी में नाम जुड़ा है कैथल जिला के किसान अमित चहल और अश्वनी का।
क्योंकि कैथल जिला के भैणी माजरा गांव के पशुपालक किसान अमित चहल और अश्वनी का मुर्रा नस्ल का झोटा 7.50 लाख रुपये में खरीदा गया है। इस झोटे को हांसी जिला खांडा खेड़ी निवासी पशुपालक रणदीप ने खरीदा है।
यह झोटा यानी भैंसा इतनी अधिक कीमत में बिकने पर पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है। लक्ष्य नामक इस झोटे की उम्र महज 3 साल है। हालांकि इससे पहले भी हरियाणा में 15 करोड़ रुपये का झोटा चर्चा में रह चुका है। हालांकि प्रदेश के कई गांवों में पशुपालक लाखों रुपये के झोटे रखते हैं।
हाल ही में झज्जर जिला के बेरी में आइडीएफए मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में लक्ष्य झोटे ने चार दांत की सुंदरता की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाया था।
हालांकि लक्ष्य झोटा इससे पहले भी अपनी खास मुर्रा नस्ल के कारण चर्चा में रहा है। क्योंकि लक्ष्य की मां ने प्रतिदिन 20 लीटर तक दूध दिया है। ऐसे में नस्ल सुधार के लिए यह झोटा काफी अहम माना जाता है।
वहीं गांव पहुंचने पर इस बेहद खास झोटे का डीजे बजाकर इसका स्वागत किया। यह झोटा बहुत ही आकर्षक कदकाठी के साथ अपने खूबसूरत अंदाज के लिए चर्चित रहा है। इससे पहले जब कुरुक्षेत्र आइडीएफए मेले का आयोजन किया था, वहां भी लक्ष्य ने पहला स्थान जीत का अपनी संदरता साबित की थी।
20 पशु पालता है अमित चहल
वहीं इस झोटे को तैयार करने वाले भैणी माजरा निवासी अमित चहल और अश्वनी चहल के अनुसार वे पारंपरिक रूप से खेतीबाड़ी के साथ पशुपालन करते आ रहे हैँ। फिलहाल वे 20 पशु रखे हुए हैं। अब खांडा खेड़ी गांव के पशुपालक रणदीप ने यह झोटा 7 लाख 50 हजार रुपये में खरीदा है।
देखते ही आ गया था पसंद
वहीं झोटा खरीदने वाले खांडा खेड़ी गांव निवासी रणदीप ने बताया कि पहली बार लक्ष्य झोटे की झलक बेरी मेले में देखी थी।
वहां देखते ही झोटा पसंद आ गया और इसको खरीदने का फैसला ले लिया था। अब यह झोटा खरीद लिया है। वे नस्ल सुधार के लिए झोटा खरीद रहे हैं। ताकि अन्य पशुपालक भी अपने घर पर इसी प्रकार के झोटे या भैंस तैयार कर सकें।
