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हरियाणा के इस डिपो में पहुंची 55 इलेक्ट्रिक बसें, एक बार चार्ज में 150 किलोमीटर चलेंगी, रूट तय

 
हरियाणा के गुरुग्राम डिपो में पहुंची 55 इलेक्ट्रिक बसें, एक बार चार्ज में 150 किलोमीटर चलेंगी, रूट तय

Electric buses in Roadways : हरियाणा रोडवेज के बेड़े में पर्यावरण फ्रेंडली बसों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बड़े शहरों में जहां इलेक्ट्रिक बसों को सिटी बस सर्विस और बाईपास तक चलाया जा रहा है तो वहीं ग्रामीण रूटों पर भी ई-बसों के फेरे शुरू कर दिए हैं।

इसी कड़ी में गुरुग्राम  मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) के सेक्टर-10 स्थित डिपो में 55 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। इनमें से 40 बसों का रूटों पर ट्रायल चल रहा है, जबकि बाकी 15 बसों के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।

GMCBL ने बसों के संचालन के लिए 25 से अधिक रूट तय किए हैं। यात्रियों की संख्या और मांग को देखते हुए जरूरत पड़ने पर रूटों में बदलाव किया जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक, पंजीकरण समेत जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही बसों को निर्धारित मार्गों पर उतार दिया जाएगा।

नई बसों में यात्रियों की गिनती और टिकट व्यवस्था पर नजर रखने के लिए प्रवेश और निकास द्वार पर हेड काउंट कैमरे लगाए गए हैं। एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर बस करीब 150 किलोमीटर तक चल सकेगी।

डिपो में चार्जिंग की व्यवस्था तैयार

सेक्टर-10 बस डिपो में इलेक्ट्रिक बसों के लिए 18 चार्जिंग प्वॉइंट बनाए गए हैं। इनमें से 16 तैयार हो चुके हैं। इस व्यवस्था से एक साथ 36 बसें चार्ज की जा सकेंगी। सामान्य मोड में बस को पूरा चार्ज होने में करीब दो घंटे और फास्ट चार्जिंग में लगभग एक घंटे का समय लगेगा। सेक्टर-48 में भी इलेक्ट्रिक बसों के लिए अलग डिपो तैयार किया गया है।

सुरक्षा और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा पर जोर

बस में 26 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। हर सीट पर एसओएस बटन दिया गया है। आपात स्थिति में बटन दबाने पर जीएमसीबीएल के अधिकारियों को अलर्ट मिलेगा। दिव्यांग यात्रियों के लिए व्हीलचेयर लिफ्ट भी लगाई गई है, जिससे बस में चढ़ना और उतरना आसान होगा। खिड़की खुली रहने पर बस नहीं चल सकेगी।

9 मीटर लंबी इन बसों का ग्राउंड क्लीयरेंस शहर में पहले से चल रही लो फ्लोर बसों के मुकाबले अधिक रखा गया है। इससे ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत गुरुग्राम से दिल्ली, वल्लभगढ़ और मानेसर से द्वारका समेत 25 से अधिक मार्गों पर बसें चलाने की तैयारी है।