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18 महीने की बच्ची ने दो लोगों को दी जीवन भर के लिए रौशनी, माता पिता ने दी नम आखों से विधाई 

परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट चुका था, परिवार के लोगों ने हिम्मत से काम लिया और चिकित्सकों से संपर्क कर बेटी की आंख दान करने का फैसला लिया।
 
18 महीने की बच्ची ने की दो जिंदगियां रोशन

HARYANA NEWS: हरियाणा के रोहतक जिले महम उपमंडल में एक डेढ साल की बच्ची बीमारी से जीवन की जंग हार गई। लेकिन उसके माता-पिता के फैसले के कारण बच्ची दुनिया से जाने के बाद भी 2 बच्चों को जीवन दे गई। इसकी हर ओर सराहना हो रही है। 
 

दरअसल डेढ साल की बच्ची आस्था को बुखार हुआ था। इसके बाद उसको बचाया नहीं जा सकता। वहीं महम के वार्ड नंबर 6 में रहने आस्था के पिता दीपक परूथी और मां रीना ने आस्था की आंखें दान करने का फैसला लिया। अब आस्था बेशक इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी आंखें दुनिया देख पाएंगी।


बुखार के कारण हुई मौत

आस्था के पिता दीपक परुथी ने बताया कि उसकी डेढ साल की बेटी आस्था को बुखार हुआ था। इसके बाद उल्टियां शुरू हो गई। इससे आस्था की मौत हो गई। जब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट चुका था, परिवार के लोगों ने हिम्मत से काम लिया और चिकित्सकों से संपर्क कर बेटी की आंख दान करने का फैसला लिया।

 

आस्था की मां ने कहा कि इससे बेशक उनकी बेटी उनके साथ नहीं रही, लेकिन उसकी आंखें दो बच्चों को काम आस सकेंगी। इससे आस्था की आंख दुनिया देख सकेंगी। यह फैसला लोगों को समाज के बारे में सोच के लिए प्रेरित कर रहा है।


डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा है परिवार


दरअसल आस्था के पिता दीपक डेरा सच्चा सौदा से जुडो हुए हैं। ऐसे में डेरे द्वारा भी लोगों में नेत्र दान की जागरूकता फैलाई जाती है। इसके कारण डेरे से जुड़े लोग अक्सर यह कदम उठाते हैं। क्योंकि जीवन त्याग कर भी अपने शरीर को दूसरो को समर्पित करना समाज के लिए बहुत बड़ा प्रयास है।