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70 के दशक का ये गाना जिसमे है प्यार का अनमोल बंधन, राजेश खन्ना और मुमताज की अदाकारी 57 वर्ष बाद भी नहीं पड़ी फीकी 

 
BOLLYWOOD SONG

SUPERHIT Old Song: बॉलीवुड की सबसे सुपरहिट जोड़ियों में से एक राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी पर फिल्माए गए कई ऐसे सुपरहिट पुराने हिंदी गाने (old Hindi song) हैं, जिन्हें लोग आज भी बड़े चाव से सुनते हैं। 70 और 80 के दशक में कई ऐसे सदाबहार गाने (70's 80's Hindi song) दिए थे जो आज भी हिंदी संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में बने हुए हैं।

आज हम जिस गाने की बात कर रहे हैं उसे सन 1969 में रिलीज हुई दो रास्ते फिल्म के लिए बनाया गया था और टाइटल दिया गया था “छुप गए सारे नजारे"। यह सदाबहार गाना (Lata Mangeshkar song) पिछले 57 वर्षों से लगातार संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहा है। बताया जाता है कि 70 के दशक में इस गाने में धूम मचा दी थी। राजेश खन्ना और मुमताज के दमदार अभिनय वाला यह गाना आज भी करोड़ों हिंदी संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में फेवरेट बना हुआ है।

लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने दी थी सदाबहार हिंदी गाने छुप गए सारे नजारे को आवाज

सन 1969 में रिलीज हुई सुपरहिट हिंदी फिल्म ‘दो रास्ते' के सदाबहार हिंदी गाने (evergreen old Hindi song) छुप गए सारे नजारे को स्वर कोकिला लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी साहब ने अपनी मधुर आवाज से सजाया था। राजेश खन्ना और मुमताज के दमदार अभिनय व लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi song) की मधुर आवाज के चलते छुप गए सारे नजारे गाना पिछले 57 वर्षों से लगातार हिट बना हुआ है।

बताया जाता है कि इस गाने में मुमताज की खूबसूरती के लोग दीवाने हो गए थे। दो रास्ते फिल्म के बाद राजेश खन्ना और मुमताज (Mumtaj) हिंदी सिनेमा के दर्शकों की पहली पसंद बन गए थे। इस गाने को सुनकर लोग आज भी लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी सब को खूब याद करते हैं।

आनंद बख़्शी ने लिखे थे ‘छुप गए सारे नजारे गाने' के बोल

1969 में रिलीज हुई ‘दो रास्ते' फिल्म के सदाबहार हिंदी गाने (evergreen old song) ‘छुप गए सारे नजारे' दिल को छू लेने वाले बोल आनंद बख़्शी जी ने लिखे थे। आनंद बख़्शी जी द्वारा लिखे गए इस गाने के बोल और लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की मधुर आवाज के साथ राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के दमदार अभिनय और मुमताज की खूबसूरती को लोग आज भी खूब पसंद करते हैं।

इस सुपरहिट गाने को संगीत बॉलीवुड के महान संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने दिया था। यह गाना जितना 70 के दशक (70's old Hindi Song) में पसंद किया जाता था उतना ही आज के दौर में भी पसंद किया जा रहा है।