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गांव की पहली महिला DC, दो बार असफल होने के बाद ऐसे रचा इतिहास

 

SUCCESS STORY: सफलताओं की कहानी संघर्षों की कलम से लिखी जाती है। यही कहानी लिख कर दिखाई है बिहार के एक छोटे से गांव की बेटी सुधा सिंह ने। उनके जीवन में असफलताएं तो आई, लेकिन इनको तोड़ कर वे आगे बढ़ती रही। आज वे बिहार में सीनियर डिप्टी कलेक्टर के पद पर आसीन हैं।

गांव की पहली महिला DC, दो बार असफल होने के बाद ऐसे रचा इतिहास

दरअसल सुधा सिंह ने बिहार लोग सेवा आयोग यानी BPSC की 70वीं परीक्षा में सफलता पाकर सीनियर डिप्टी कलेक्टर का पद पा लिया है। हलांकि सुधा सिंह ने इससे पहले UPSC के लिए भी 2 बार प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इससे सुधा सिंह का हौसला नहीं टूटा। इतना ही नहीं BPSC में भी 2 प्रयासों में असफलता मिली। फिर भी उनके हौसले की जीत हुई।

ठेठ ग्रामीण परिवेश से निकली

गांव की पहली महिला DC, दो बार असफल होने के बाद ऐसे रचा इतिहास


दरअसल सुधा सिंह बिहार के रोहतास जिला के अधीन आने वाले दिनारा खंड के गांव धरहरा से आती हैं। हालांकि आज वे सीनियर डिप्टी कलेक्टर के पद पर आ गई हैं, लेकिन उनका क्षेत्र ठेठ ग्रामीण रहा है। इतना ही नहीं सुधा सिंह अपने गांव से इस पद पर पहुंचने वाली पहली लड़की बन गई हैं।

दिल्ली में हुई पढ़ाई

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बेशक सुधा सिंह ग्रामीण परिवेश से रही हैं, लेकिन उन्होंने अच्छी शिक्षा प्राप्त की है। हालांकि उनकी स्नातक की पढ़ाई बिहार के ही वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय 2018 में की है।

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इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का मन बनाया और वे दिल्ली आ गई। यहां पर अपनी पढ़ाई करने के लिए उन्होंने कई काम किए।