Success Story : ट्रक ड्रइवर की बेटी ने किया कमाल, 40 वीं रैंक लेकर बनी असिस्टेंट कमिश्नर
Success Story : कहते हैं जब मन में कुछ कर गुजरने की हो और इंसान इसके लिए मेहनत करे तो सफलता निश्चित ही मिलती है। यही कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के भदोही जिला के छोटे से गांव अजयपुर की बेटी नेहा सिंह ने। नेहा सिंह ने परिवार की अभावों को कभी अपने लक्ष्य के रास्ते में नहीं आने दिया। अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी UPPCS की परीक्षा में 40वीं रैंक हासिल कर वे असिस्टेंट कमिश्नर बन गई हैं।

अजयपुर गांव की रहने वाली नेहा सिंह के पिता कौशल कुमार सिंह ट्रक ड्राइवर हैं। ऐसे में परिवार आर्थिक रूप से अधिक सशक्त नहीं रहा, लेकिन नेहा सिंह ने जीवन में आगे बढ़ने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। ऐसे में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। आर्थिक तंगी और UPPCS परीक्षा में मिली असफलता से नेहा सिंह कमजोर नहीं पड़ी बल्कि आगे बढ़ी और सफलता पाई।
पिता ने दिया सहारा, बेटी ने पाई सफलता
बेशक नेहा सिंह के पिता कौशल कुमार सिंह ट्रक ड्राइवर हैं, लेकिन उन्होंने बेटी की पढ़ाई में कभी भी कोई कमी नहीं आने दी। पिता ने हमेशा ही बेटी पर भरोसा रखा और इसी भरोसे ने नेहा सिंह को लगातार ताकत दी। पढ़ाई के लिए घर से दूर भी रही, लेकिन हमेशा पिता के संघर्ष आंखों में रहे।
दिल्ली में की सिविल की तैयारी

हालांकि घर में आर्थिक स्थिति सामान्य रही, लेकिन परिवार ने नेहा सिंह को पूरा स्पॉट दिया। इसके चलते ही स्कूली पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने इलाहाबाद का रूख किया। देश के प्रसिद्ध इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर सिविल परीक्षा की तैयारी के लिए वे देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गई।

यहां पर नेहा सिंह ने सफलता पाने के लिए रात-दिन कड़ी मेहनत की। हमेशा ही परिवार की स्थिति और अपने लक्ष्य पर नजर रखी। हालांकि जब उन्होंने पहली बार UPPCS की परीक्षा दी तो इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद हार मानने की बजाए वे आगे बढ़ी। फिर से तैयारी की और दूसरे प्रयास में UPPCS की परीक्षा को क्रैक कर लिया।
