खेल खुद की उम्र में बनी Officer, शेखपुरा की बेटी ने 20 की उम्र में रचा इतिहास, बैंककर्मी पिता हुए ख़ुशी में भावुक
SUCCESS STORY: दिल में जब कुछ करने का जज्बा हो तो हर राह आसान हो जाती है। ऐसा ही कर दिखाया है बिहार के शेखपुरा की बेटी पूनम कुमारी ने। उन्होंने महज 20 साल की उम्र में सरकारी अधिकारी की कुर्सी पा ली। पूनम की यह सफलता जेन-जी और विशेषकर ग्रामीण परिवेश की बेटियों के लिए प्रेरणा है।
20 साल की उम्र ऐसी होती है, जब युवा घूमने-फिरने और मौज-मस्ती को ही सब कुछ मानते हैं लेकिन पूनम कुमारी ने अपनी मेहनत के बल पर युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए अधिकारी की कुर्सी पा ली है। पूनम कुमारी बिहार के शेखपुरा के ग्रामीण परिवेश से आती हैं। अक्सर लोग अभाव का रोना रोते हैं,
लेकिन पूनम कुमारी ने अभाव को ही जीवन के लक्ष्य पर फोक्स किया। परिणाम स्वरूप पूनम कुमारी आज बिहार के भागलपुर जिले में पीरपैंती नगर पंचायत में कार्यकारी अधिकारी यानी ईओ के पद पर विराजमान हैं। इस परीक्षा के पहले ही प्रयास में उन्होंने सफलता पाई है।
पिता बैंक अधिकारी
पूनम कुमारी के पिता बैंक अधिकारी हैं। हालांकि उन्होंने हमेशा ही बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और बेटी के करियर में उनके लक्ष्य को स्पॉट किया। इसी का परिणाम है कि शेखपुरा के एक छोटे से गांव से निकलकर आज वे नगर पंचायत की अधिकारी बनी हैं। पूनम की स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई शेखपुरा में ही हुई है।
दिल्ली में ली कोचिंग
चूंकि पूनम शुरू से ही अपने करियर को लेकर गंभीर थी। इसलिए वे स्नातक की पढ़ाई शेखपुरा में करने के बाद कोचिंग के लिए दिल्ली चली गईं। इस दौरान उन्होंने रात दिन मेहनत की। इसके बाद जब बिहार सरकार द्वारा परीक्षा का आयोजन किया तो तो अपने आत्मविश्वास के साथ वे इस परीक्षा में शामिल हुई और पहले ही प्रयास में सफलता पा ली।
अब UPSC का सपना
हालांकि पूनम कुमारी 20 वर्ष की उम्र में ही जिला स्तर की अधिकारी बन गई हैं, लेकिन अभी सपना पूरा नहीं हुआ है। क्योंकि उनका सपना अब यूपीएससी की परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का है। बेशक जिला स्तरीय अधिकारी होने के कारण उन पर काम का दबाव अधिक रहता है, लेकिन वे लगातार यूपीएससी के लिए तैयारी कर रही हैं।
