हरियाणा के 3396 स्कूलों को मिलेंगे 33.96 करोड़ रुपए, हर स्कूल को 1 लाख, जानें कहां होगा खर्च
Haryana School news : हरियाणा में सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाएं सुधारने के लिए अब बजट खर्च करने के साथ मैदान की हालत और खेल सामग्री के उपयोग को भी ध्यान में रखा जाएगा। प्रदेश के 3396 स्कूलों में खेल मैदान विकसित करने और खेल सामग्री खरीदने के लिए राज्य सरकार ने कुल 33.96 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रत्येक स्कूल को एक लाख रुपये के हिसाब से मिलने वाली इस राशि में 50 हजार रुपये खेल मैदान सुधारने और 50 हजार रुपये खेल उपकरण खरीदने पर खर्च किए जा सकेंगे।
खेल मैदानों को दुरुस्त करने के लिए बजट की राशि से मिट्टी भराई, मैदान की समतलता, मार्किंग, मिट्टी भराई और खेल सुविधाओं से जुड़ी छोटी-मोटी मरम्मत भी करवाई जा सकेगी। हालांकि, मिट्टी भराई पर स्वीकृत राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत ही खर्च किया जा सकेगा। पौधे और मैदान की सीमा चिह्नित करने जैसे कार्य भी निर्धारित प्रावधानों के तहत कराए जा सकेंगे। योजना का लाभ उठाने के लिए स्कूलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि का उपयोग करना होगा। स्कूलों को बजट खर्च करने के बाद उसका रिकॉर्ड और खर्च का प्रमाण भी देना होगा।
स्कूलों की जांच करेंगे बीईओ, डीईओ करेंगे वेरिफिकेशन
खेल बजट के इस्तेमाल में गड़बड़ी रोकने के लिए जांच की व्यवस्था भी तय की गई है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को अपने क्षेत्र के 50 प्रतिशत स्कूलों में निरीक्षण कर खर्च का सत्यापन करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) जिले के 10 प्रतिशत स्कूलों की रैंडम जांच करेंगे।
योजना की खास बात यह है कि स्कूल केवल खेल सामग्री खरीदकर बजट खर्च नहीं दिखा सकेंगे। राशि से मैदान का समतलीकरण, मार्किंग, मिट्टी भराई और खेल सुविधाओं से जुड़ी छोटी-मोटी मरम्मत भी करवाई जा सकेगी। हालांकि, मिट्टी भराई पर स्वीकृत राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत ही खर्च किया जा सकेगा। नेट, पोल और मैदान की सीमा चिह्नित करने जैसे कार्य भी निर्धारित प्रावधानों के तहत कराए जा सकेंगे।
इंडोर और आउटडोर खेलों के लिए जरूरी उपकरण खरीदने की भी अनुमति होगी। शिक्षा विभाग ने बजट खर्च करने की समय सीमा तय कर दी है। स्कूलों को 31 दिसंबर 2026 तक स्वीकृत राशि का उपयोग करना होगा। इसके बाद 31 जनवरी 2027 तक उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) जमा करना अनिवार्य होगा। यानी केवल राशि खर्च करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसका रिकॉर्ड और खर्च का प्रमाण भी देना होगा।
सीधे नहीं मिलेगी राशि, कमेटी करेगी खरीदारी
खेल बजट के इस्तेमाल के लिए स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की छह सदस्यीय कमेटी के माध्यम से खरीद की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी), पंचकूला टेंडर प्रक्रिया कराएगा। स्कूल मुखिया या प्राचार्य को स्वीकृत योजना के अनुसार खर्च और रिकॉर्ड के रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, एसएमसी या एसएमडीसी खर्च की योजना को मंजूरी देगी और राशि के उचित उपयोग की निगरानी करेगी।
