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डॉलर के मुकाबले रुपये ने पकड़ी मजबूती, दिवाली से पहले करोड़ों लोगों को मिलेगी राहत 

RUPEE STRENGTHENS AGAINST US DOLLAR": शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर से घरेलू मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये में तेजी आई है। इसके बाद शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत हुआ है।
 
डॉलर के मुकाबले रुपये ने पकड़ी मजबूती

Dollar Vs Rupees : लंबे समय से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजाेर हो रहे भारतीय रुपये में अब हल्की मजबूती देखी जा रही है। भारत में फिलहाल त्योहारी सीजन चल रहा है और ऐसे में देश के लोगों के लिए यह खुशखबरी है। रुपये में यह मजबूती अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत घोषणा के बाद देखी गई है। 


इससे शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर से घरेलू मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये में तेजी आई है। इसके बाद शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत हुआ है।

अब डॉलर के मुकाबले रुपया 95.17 के स्तर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों की मानें तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले के बाद वैश्विक बाजार में डॉलर पर हल्का दबाव देखा जा रहा है। इसी का परिणाम है कि डालर के दबाव में रहने से रुपया ही नहीं अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं में भी हल्की तेजी सामने आई है।

ब्याज दरों में नहीं हुआ बदलाव


यहां यह बात जरूरी है कि बेशक डॉलर पर दबाव है, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव करने का फैसला नहीं लिया गया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार ब्याज दर 3.75% से 4.00% की सीमा पर ही रखी गई हैं। इसी की उम्मीद लगाई जा रही थी। शायद यही कारण है कि डॉलर दबाव में गया और इसका लाभ रुपये व अन्य मुद्राओं को मिला है।


भारतीय बाजार पर पड़ेगा असर

वहीं इस परिवर्तन का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल भारत के पास करीब 721 अरब डॉलर का मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार है। इसके अलावा बाजार में पोर्टफोलियो निवेश में सुधार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सक्रिय मौजूदगी रुपये को मजबूत कर रही है। हालांकि अभी आने वाले दिनों में डालर की कीमत में उतार चढ़ाव देखे जाएंगे, लेकिन बड़ा अंतर नहीं रहेगा।


लगातार दिख रही है तेजी


रुपये की कीमत में लगातार तेजी दिख रही है। क्योंकि 29 अक्टूबर की बात की जाए तो इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में 95.20 पर रुपया खुला। इसके बाद से ही मजबूती रही। जबकि यानी 28 अक्टूबर की बात करें तो रुपये का बंद स्तर 95.28 था। ऐसे में यह 11 पैसे मजबूत हुआ है। 

रुपये की मजबूती में अन्य कारण


अमेरिकी फैडरल की नीतिगत व्यवस्थाओं के अतिरिक्त अन्य कारणों से भी बाजार में प्रभाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के साथ-साथ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत हुई है। यह रुपये की मजबूती को रोक सकता है। क्योंकि बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.03 प्रतिशत गिरा है। फिलहाल इसका भाव प्रति बैरल 114.13 डॉलर है।