धनतेरस पर कार खरीदने से पहले जानें सब डिटेल, पेट्रोल या फिर डीजल जानें एक्सपर्ट का सुझाव
दिवाली और धनतेरस का त्योहारी सीजन चल रहा है । अगर आप भी नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सिर्फ कार की कीमत देखकर फैसला न करें। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक कारों के अपने फायदे और सीमाएँ हैं। आगरा के ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ के अनुसार, इन दिनों सीएनजी वाहनों की मांग अधिक है। हालाँकि, आपके लिए कौन सी कार बेहतर होगी, यह दैनिक दूरी, बजट और उपयोग पर निर्भर करता है।
आगरा के ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ के अनुसार, इन दिनों ग्राहकों द्वारा सीएनजी वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका मुख्य कारण उन लोगों के लिए कम ईंधन की खपत है जो हर दिन लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। हालांकि, सीएनजी कारों की शुरुआती कीमत पेट्रोल मॉडल की तुलना में थोड़ी अधिक होने की संभावना है।
पेट्रोल कार उन नियोजित लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है जिन्हें हर दिन लंबी दूरी की यात्रा नहीं करनी पड़ती है। कम चलने की स्थिति में पेट्रोल कार की शुरुआती कीमत और उपयोग आवश्यकताओं को सीएनजी या डीजल के मुकाबले तय किया जा सकता है।
Expert अनुसार, जो लोग टैक्सी चलाते हैं, वे सीएनजी वाहन पसंद करते हैं। मारुति स्विफ्ट और अर्टिगा की भारी मांग बनी हुई है। कम लागत और बेहतर माइलेज के कारण, इन्हें व्यावसायिक उपयोग के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि सीएनजी वाहनों में पेट्रोल टैंक की सुविधा भी है। ऐसे में अगर सीएनजी खत्म हो जाती है या रास्ते में गैस स्टेशन नहीं मिलता है तो पेट्रोल से यात्रा जारी रखी जा सकती है। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।
गाँव और ग्रामीण इलाकों के लोग अभी भी डीजल कारों पर भरोसा करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब सड़कों, लंबी दूरी और चढ़ाई वाले क्षेत्रों में बोलेरो और स्कॉर्पियो जैसे वाहनों को उपयोगी माना जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों में डीजल वाहनों को भी प्राथमिकता दी जाती है।
कुछ ग्राहक अभी भी इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में संकोच कर रहे हैं। इसका एक कारण कई क्षेत्रों में पर्याप्त चार्जिंग स्टेशनों की कमी है। इसलिए, इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले, आपको अपने शहर और दैनिक मार्ग में चार्जिंग सुविधा, ड्राइविंग की जरूरतों और बजट को देखना चाहिए।
