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हरियाणा सरकार ने स्वीकार की Rice Millers के धान घोटाले की गड़बड़ी

 

वायस आफॅ पानीपत (कुलवन्त सिंह)- हरियाणा में धान घोटाले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, लगातार राइस मिलर्स के पास धान के स्टॉक की कमी मिल रही है। 2019 में 1207 मिलों के भौतिक सत्यापन में 42,589 मीट्रिक टन धान कम पाया गया था। वहीं, 2020 में 98 मिलों की जब जांच की गई, तो 18,884 मीट्रिक टन धान कम मिला । दरअसल, विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान सरकार ने सदन पटल पर रखे दस्तावेजों में इसकी जानकारी दी है। असंध से कांग्रेसी विधायक समशेर गोगी ने सरकार से सवाल पूछा था, जिसके लिखित जबाव देते हुए सरकार ने राइस मिलर्स द्वारा की गई गड़बड़ी को स्वीकार किया।

हरियाणा सरकार ने स्वीकार की Rice Millers के धान घोटाले की गड़बड़ी

वहीं, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के नाते डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि 2019-20 में राइस मिलों में भंडारण किए गए धान में कमी की आशंका जताई थी। नवंबर-दिसंबर 2019 में विभागीय टीमों का गठन कर मिलों की जांच करवाई गई। जुलाई 2020 में सरकार ने उन मिलों की भौतिक जांच करवाई है, जिन्होंने 90 फीसद चावल वापस नहीं दिया था।

दुष्यंत के अनुसार नवंबर- दिसंबर 2019 की भौतिक जांच के दौरान 1207 चावल मिलों में 42589 मीट्रिक टन धान कम पाया गया। इसलिए मिलर्स से कम पाए गए स्टॉक की 76 करोड 19 लाख 33 हजार 196 रुपए रिकवरी की गई। जुलाई 2020 में हुई भौतिक जांच में 98 मिलों में 18894 मीट्रिक टन दान कम मिला है। सरकार इन मिलर्स से भी रिकवरी कर रही है।

TEAM VOICE OF PANIPAT