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हरियाणा में 21 साल पुराने ये कच्चे कर्मचारी नहीं होंगें पक्के, सरकार ने दिया स्पष्ट जवाब 

विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया ने भी बताया है कि नियमों के अनुसार अतिथि अध्यापकों की सेवाएं नियमित नहीं की जा सकती हैं। क्योंकि इसको लेकर पहले ही स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर दिया गया है। बेशक अतिथि अध्यापकों को सेवा सुरक्षा का लाभ देते हुए उनकी नौकरी 58 तक जारी रखी जाएगी। 
 
हरियाणा में ये कर्मचारी नहीं होंगें पक्के

Haryana News : हरियाणा में पिछले 21 साल से अपनी सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर्स को दिवाली से पहले सरकार से बड़ा झटका लगा है। हालांकि इससे पहले अदालत भी सुनवाई के दौरान यह साफ कर चुकी है कि इनकी सेवाएं नियमित नहीं की जा सकती। इससे प्रदेश भर में कार्यरत 10,557 गेस्ट टीचर्स यानी अतिथि अध्यापकों को बड़ा झटका लगा है।
 

गौरतलब है कि राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ द्वारा सोमवार मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ वार्ता की बात कही गई थी। इसी बैठक में सरकार की ओर से साफ कर दिया गया कि नियमों के अनुसार गेस्ट टीचर्स की सेवाएं नियमित करने का प्रावधान नहीं है।
 

इसको लेकर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया ने भी बताया है कि नियमों के अनुसार अतिथि अध्यापकों की सेवाएं नियमित नहीं की जा सकती हैं। क्योंकि इसको लेकर पहले ही स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर दिया गया है। बेशक अतिथि अध्यापकों को सेवा सुरक्षा का लाभ देते हुए उनकी नौकरी 58 तक जारी रखी जाएगी। 

दूसरी ओर राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के महासचिव भूपेंद्र सिंह का कहना है कि 16 और 18 जून 2014 की तीन साल की नियमितीकरण नीति में मौजूद शर्तों के अनुसा अतिथि अध्यापकों को अपात्र बनाने का कोई नियम नहीं है।

इसको लेकर अतिथि अध्यापक संघ द्वारा लंबे समय से कुरुक्षेत्र के लघु सचिवालय में धरना दिया जा रहा है। इसी कड़ी में संघ द्वारा 14 व 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र बड़ा प्रदर्शन करते हुए स्पीकिंग ऑर्डर की प्रतियां जलाने का फैसला लिया है।

मैरिट पर हुई थी नियुक्ति


वहीं दूसरी ओर इस मामले में राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ की ओर से कहा जा रहा है कि गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति मैरिट के आधार पर हुई है। संघ के नेताओं का कहना है कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया गया है। क्योंकि कॉलेज कैडर के अतिथि प्राध्यापकों को इसी नीति के तहत नियमित किया गया है। 

विभाग कर रहा भर्ती नियमों की बात


वहीं इस मामले में शिक्षा विभाग भर्ती नियमों और प्रक्रिया की बात करते हुए गेस्ट टीचर्स को नियमित करने में बड़ा रोड बता रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा कहा जा रहा है कि गेस्ट टीचर्स की भर्ती स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरा करने के लिए 2005 में पीरियड के आधार भुगतान के तहत की गई थी। 

ऐसे में इस भर्ती के दौरान केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया और आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया। साथ ही शिक्षा विभाग हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी हवाला दे रहा है। इसमें कहा गया है कि नियमित करने के लिए सिर्फ अनुभव का आधार पर्याप्त नहीं है।