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करवा चौथ का व्रत इन कार्यों से हो सकता है खंडित, जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें

 

वायस ऑफ पानीपत (शालू मौर्या):- प्रत्येक साल कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिखी को करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है.. इस शुभ तिथि पर सुहागिन महिलाएं करवा माता की विधिपूर्वक पूजा- अर्चना करती है.. साथ ही अखंड सुहाग की प्राप्ति के लिए व्रत करती है..धार्मिक मत है कि इस व्रत को करने से विवाहित महिलाओं को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.. साथ ही पति को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है.. माना जाता है कि इस दिन कुछ गलतियों को करने से जातक को व्रत को पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है और व्रत खंडित हो सकता है.. ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन क्या न करें और क्या करें..

करवा चौथ का व्रत इन कार्यों से हो सकता है खंडित, जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें

*करवा चौथ पूजा मुहूर्त*

 पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत 19 अक्टूबर को शाम 06 बजकर 16 मिनट पर होगी.. वहीं, इसका समापन 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर होगा.. ऐसे में करवा चौथ का व्रत 19 अक्टूबर को किया जाएगा.. इस दिन शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहने वाला है..

 करवा चौथ पूजा मुहूर्त- शाम 05 बजकर 47 मिनट से 07 बजकर 04 मिनट तक

करवा चौथ व्रत समय - सुबह 06 बजकर 34 मिनट से शाम 07 बजकर 22 मिनट पर

*जानिए करवा चौथ के दिन क्या न करें*

इस दिन देर तक न सोएं..

किसी को गलत शब्द नहीं बोलना चाहिए..

अपने श्रृंगार की चीजें किसी को न दे..

 काले वस्त्र नहीं पहनने चाहिए..

 किसी झूठ बोलने से बचें

पति पत्नी को आपस में झगड़ा नहीं करना चाहिए..

व्रत के दौरान मानसिक भोजन न करें...

*करवा चौथ के दिन क्या करें*

करवा चौथ के दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए..

 सुहागिन महिलाओं के सोलह श्रृंगार करना चाहिए..

रात को चंद्र दर्शन कर व्रत का पारण करना चाहिए..

श्रद्धा अनुसार दान करना शुभ माना जाता है..