logo

पराली जलाने को लेकर सख्त हुई हरियाणा सरकार, 44 जगह फायर ब्रिगेड भेजकर बुझाई आग

 

वायस ऑफ पानीपत (शालू मौर्या):- दिल्ली और प्रदेश के अन्य जिलों में बढ़ते वायु प्रदूषण पर हरियाणा सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र भी हरियाणा से लगातार अपडेट ले रहा है.. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य में पराली के लिए एक्स-2 प्रबंधन प्रणाली-2023 लागू करने की मंजूरी दे दी है.. इसके तहत पराली की आग बुझाने के लिए 44 स्थानों पर फायर ब्रिगेड भेजी गई है.. इस बीच, पराली जलाने के आरोप में 72 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.. किसानों से 32.55 लाख रुपये की वसूली की गयी है..

पराली जलाने को लेकर सख्त हुई हरियाणा सरकार, 44 जगह फायर ब्रिगेड भेजकर बुझाई आग

हरियाणा सरकार ने दावा किया है कि 2022 की तुलना में 2023 में पराली जलाने की घटनाओं में 38 प्रतिशत की कमी आई है और पिछले दो वर्षों में 57% की पर्याप्त कमी दर्ज की गई है.. हरियाणा सरकार ने आग पर काबू पाने में नाकाम रहने के लिए डिप्टी कमिश्नरों और थाना प्रभारियों को जिम्मेदार ठहराने के निर्देश जारी किए हैं.. सरकार ने खेतों में आग के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ 1,256 चालान भी जारी किए हैं.. गुरुग्राम और फरीदाबाद जिलों में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) पर 30 नवंबर तक या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जीआरएपी चरण III रद्द होने तक तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है..

एनसीआर जिलों में पंजीकृत वाहनों पर होलोग्राम-आधारित रंगीन स्टिकर लगाने के संबंध में, सरकार ने कहा कि 14 नवंबर, 2018 से 31 जनवरी, 2023 के बीच, एनसीआर जिलों में लगभग 1 मिलियन वाहनों को रंग-कोडित किया गया है.. विभिन्न पुआल प्रबंधन योजनाओं के लिए 600 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है.. इन उपकरणों का उद्देश्य बायोमास-आधारित परियोजनाओं के लिए भूसे के बदले भूसे की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जिससे पुआल जलाने में कमी आएगी और पर्यावरण के प्रति जागरूक खेती को बढ़ावा मिलेगा..

TEAM VOICE OF PANIPAT