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हरियाणा के गेस्ट टीचर्स को दीवाली पर बड़ा झटका, अब नहीं होंगे परमानेंट, शिक्षा विभाग ने खारिज किया दावा 

गेस्ट टीचर्स की सेवाएं नियमित नहीं होगी। क्योंकि हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों द्वारा पक्का करने के दावे को कानूनी आधार पर खारिज कर दिया है।
 
 गेस्ट टीचर्स को दीवाली पर बड़ा झटका

HARYANA GUEST TEACHER : दीवाली के मोके पर जहां कर्मचरियों को खुशियां मिलती है, वहीँ हरियाणा में गेस्ट टीचरों को बड़ा झटका लगा है, हरियाणा में लंबे समय से सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर्स को दिवाली से पहले बड़ा झटका लगा है। क्योंकि हरियाणा सरकार इन 12 हजार गेस्ट टीचर्स को पक्का नहीं करेगी। पिछले करीब 21 सालों से यह शिक्षक सेवा में हैं। हालांकि इसको लेकर लंबी कानूनी लड़ाई भी चली।

अब अदालतों से मिले आदेशों के बाद यह तय हो गया है कि गेस्ट टीचर्स की सेवाएं नियमित नहीं होगी। क्योंकि हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों द्वारा पक्का करने के दावे को कानूनी आधार पर खारिज कर दिया है। इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्पीकिंग आदेश जारी किए गए हैं।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों में साफ किया गया है कि अतिथि अध्यापकों की सेवा नियमित करने में कई कानूनी पेचीदगियां हैं। इसमें सबसे प्रमुख है कि इनकी नियुक्ति के दौरान नियमित भर्ती के मानकों को नहीं अपनाया गया है। इसके चलते अब 2014 की नियमितीकरण नीतियों का लाभ गेस्ट टीचर्स को नहीं मिल सकता।

इस मामले में चल रही कानूनी सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार की अपील पर इसी साल 6 अगस्त को व्यवस्था दी थी कि गेस्ट टीचर्स के दावे का फैसला उपलब्ध तथ्यों और कानूनी सिद्धांतों के आधार पर करें। सेवा नियमित नहीं कर सकने की स्थिति में सरकार को उचित कारणों के साथ स्पीकिंग आर्डर जारी करने की छूट दी गई थी। ऐसे में अब सरकार ने यह आदेश जारी कर दिए हैँ।

यह बना आधार


गेस्ट टीचर्स की सेवा नियमित करने के रास्ते में सबसे बडी बाधा भर्ती प्रक्रिया बनी है। क्योंकि इनकी नियुक्ति 2005 में हुई थी। यह नियुक्ति सिर्फ स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए प्रति पीरियड के आधार पर की गई थी। इसके लिए स्कूलों के प्राचार्यों, मुख्याध्यापकों और अधिकारियों द्वारा उनकी जरूरत के अनुसार सेवाएं देने के लिए रखा गया ।


ऐसे में अब शिक्षा विभाग द्वारा अपनी दलील में कहा गया है कि यह नियुक्ति किसी भी प्रकार से नियमित भर्ती नहीं थी। हालांकि इन शिक्षकों को एक निश्चित अवधि के लिए पर रखा गया था। इसके अलावा शिक्षकों के चयन, परीक्षा आधारित मेरिट और आरक्षण प्रक्रिया भी इसमें लागू नहीं हुई है।