logo

1 जनवरी 2022 से GST दरों में होगा इजाफा, पढिए

 

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)- 1जनवरी 2022 से नया साल शुरू होने से जीवन में कई बदलाव होगें। वहीं नए साल से आपको कहां ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा, कहां आपकी पैसों की बचत होगी यह जानना जरूरी है। नए साल के साथ कई उपभोक्ता वस्तुओं पर नई वस्तु एवं सेवा कर (GST) टैक्स दरें और 1 जनवरी, 2022 से जीएसटी रिजीम में कुछ बदलाव आएंगे। टैक्स में बदलाव ई-कॉमर्स वेबसाइटों और खाद्य वितरण एग्रीगेटर्स को प्रभावित करेंगे।

1 जनवरी 2022 से GST दरों में होगा इजाफा, पढिए

जानकारी के लिये भी आपको बता दें कि नई टैक्स दरें अन्य उपभोक्ता वस्तुओं पर भी लगाई जाएंगी, जिसका असर सभी खरीदारों पर पड़ेगा। यहां उन सभी चीजों की लिस्ट दी गई है जो नए साल 2022 के पहले दिन से खरीदना महंगा हो जाएगा। सरकार ने कपडे, जूते और वस्त्र जैसे तैयार माल पर जीएसटी दरों को 5 से बढ़ाकर 12% कर दिया है। 1 जनवरी, 2022 से ये आइटम और महंगे हो जाएंगे। 1,000 रुपये तक के कपड़े की वस्तुओं पर जीएसटी पहले के 5% से बढ़ाकर 12% कर दिया गया है।

1 जनवरी 2022 से GST दरों में होगा इजाफा, पढिए

इसके अलावा, बुने हुए कपड़े, सिंथेटिक यार्न, कंबल, तंबू के साथ-साथ मेज़पोश या सर्विसेट जैसे सामान सहित वस्त्रों पर जीएसटी दर में भी बढ़ोतरी की गई है। फुटवियर पर भी डायरेक्ट टैक्स 5 फीसद से बढ़ाकर 12 फीसद कर दिया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 18 नवंबर, 2021 को परिवर्तनों को अधिसूचित किया। कपड़े और जूते की कीमतों में बढ़ोतरी के कदम का विभिन्न व्यापारी संघों ने विरोध किया था। ओला और उबर के जरिए ऑटो या कैब की बुकिंग भी 1 जनवरी से महंगी हो जाएगी। हालांकि, बिना ऐप के सड़क पर आने वाले वाहनों को छूट मिलती रहेगी।

1 जनवरी 2022 से GST दरों में होगा इजाफा, पढिए

जो बदलाव लागू होंगे उनमें स्विगी और ज़ोमैटो जैसे ई-कॉमर्स ऑपरेटर शामिल हैं, जिन्हें 1 जनवरी से उनके माध्यम से आपूर्ति की जाने वाली रेस्तरां सेवाओं पर सरकार के साथ जीएसटी जमा करने और जमा करने के लिए उत्तरदायी बनाया जा रहा है। उन्हें चालान जारी करना होगा। अंतिम उपभोक्ता पर कोई अतिरिक्त कर का बोझ नहीं होगा क्योंकि मौजूदा समय में रेस्तरां जीएसटी जमा कर रहे हैं। केवल, जमा और चालान जुटाने के अनुपालन को अब खाद्य वितरण प्लेटफार्मों पर ट्रांसफर कर दिया गया है। चीजों की बढ़ती कीमत के साथ-साथ कैंसर की दवाओं, फोर्टिफाइड चावल और बायोडीजल पर जीएसटी की दर पहले के 18% से घटाकर 5% कर दी गई है। ताकि लोग आसानी से जरूरत के लिये दवाईयां खरीद सकें।

TEAM VOICE OF PANIPAT