हरियाणा के इस शहर में लगा ग्रेप-1, इन कार्यों पर रहेगी पूर्णतय रोक
हरियाणा के फरीदाबाद में भी ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू की गई है। इससे निर्माण कार्यों पर व्यापक असर पड़ेगा। क्योंकि निर्माण कार्यों के जारी रहने से हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
Haryana News : जैसे ही ठंड का मौसम शुरू होता है, प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है। इसका असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित एनसीआर में व्यापक रूप से देखा जा रहा है।
ऐसे में प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी के आदेशों के अनुसार ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान - Graded Response Action Plan) लागू किया जाता है। किसी प्रकार से प्रदूषण फैलाने वाले कार्यों पर रोक के लिए अब ग्रेप-1 लागू किया गया है।
इसके तहत अब हरियाणा के फरीदाबाद में भी ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू की गई है। इससे निर्माण कार्यों पर व्यापक असर पड़ेगा। क्योंकि निर्माण कार्यों के जारी रहने से हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
इससे एक्यूआई खराब स्थिति में जा रहा है। क्योंकि केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली एवं एनसीआर में लागू ग्रेप-1 शेड्यूल फरीदाबाद में भी लागू किया गया है, ऐसे में यहां चल रहे विकास कार्यों पर इसका असर पड़ेगा।
ग्रेप-1 की पाबंदियों का पालन करवाने के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके तहत सभी निर्माण गतिविधियों का निरीक्षण किया जा रहा ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।
फरीदाबाद में जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इसको सुनिश्चित करने के लिए निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं।
इसको लेकर की जा रही कार्रवाई के बारे में जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक हरीश कुमार का कहना है कि सूचीबद्ध किए गए सभी निर्माण इकाइयों को नोटिस जारी करके ग्रेप-1 के तहत निर्देशित प्रबंधों का पालन करने के लिए कहा जा रहा है।
बोर्ड यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी तरह के नियमों का उल्लंघन नहीं हो और प्रदूषण का स्तर नियंत्रित रहे। इसके लिए खुले में रखी निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव करने के लिए निर्माण एजेंसियों व ठेकेदारों को निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि फरीदाबाद में बुधवार को वायु प्रदूषण का स्तर एक्यूआई पीएम-10 का लेवल 157 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया था। ऐसे में निर्माण स्थलों से जो धूल उड़ रही है, वह हवा की गुणवत्ता बिगाड़ रही है। अब धूल के नियंत्रण करने को पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जा रहा है।
साथ ही फरीदाबाद नगर निगम भी प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए चार एंटी स्माग गन से पानी का छिड़काव कर रही है। इससे प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि जैसे ही ठंड बढ़ती है, यानी अक्टूबर महीने के अंत में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
