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दिवाली पर श्रमिकों की बल्ले बल्ले, सरकार ने बढ़ाई मजदूरी दर 

कर्मचारियों की तरह ही श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि जनवरी से जून 2026 के दौरान के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अंकों के आधार निर्धारित हुआ है। इससे श्रमिकों को बढ़ती महंगाई में कुछ राहत मिलेगी।
 
दिवाली पर श्रमिकों की बल्ले बल्ले

दिवाली के मौके पर विभिन्न राज्य सरकारों व केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में राहत की घोषणा की जा रही है। ऐसे में श्रमिकों के लिए भी खास घोषणा हुई है। इससे श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही श्रमिकों की दिवाली अच्छी मनेगी। 

यह पहल की है देश के उत्तर प्रदेश राज्य की सरकार ने। इसके तहत सरकार ने श्रमिकों को दिवाली का तोहफा देते हुए परिवर्तनीय महंगाई भत्ते में संशोधन किया है। संशोधित दरों के लागू होने से श्रमिकों को मिलने वाली सैलरी या दिहाड़ी में वृद्धि होगी। सरकार द्वारा की गई व्यवस्था के तहत न्यूनतम मासिक मजदूरी में 174.25 से लेकर 238.39 तक वृद्धि का फैसला लिया गया है। यह नई दरें एक अक्टूबर 2026 प्रभावी हो गई हैं और 31 मार्च 2027 तक मान्य रहेंगी।

इसको लेकर राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है। क्योंकि कर्मचारियों की तरह ही श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि जनवरी से जून 2026 के दौरान के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अंकों के आधार निर्धारित हुआ है। इससे श्रमिकों को बढ़ती महंगाई में कुछ राहत मिलेगी।

इन श्रमिकों को मिलेगा लाभ


सरकार द्वारा घोषित की गई संशोधित दरों के अनुसार औद्योगिक इकाइयों के अलावा अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रमिकों को लाभ मिलेगा। इसमें अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों के लिए नई संशोधित दरों की घोषणा हुई है। 


ऐसे बढ़ाई गई है मजदूरी

सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे जिलों में कुशल श्रमिकों की मजदूरी जो पहले 16,868 रुपये महीना थी, उसको अब 17,106.39 रुपये कर दिया गया है। वहीं अर्द्धकुशल श्रमिकों को अब प्रति माह 15,059 से बढ़ कर 15,271.41 रुपये मिलेंगे। अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,690 से बढ़ कर 13,883.59 रुपये हो गई है। 

इसके अलावा नगर निगम वाले अन्य जिलों में अकुशल श्रमिक के लिए मजदूरी 13,006 से बढ़ाकर 13,189.68 की गई है। वहीं  अर्द्धकुशल श्रमिकों को अब 14,306 की बजाए 14,507.46 रुपये मिलेंगे। जबकि कुशल श्रमिकों को पहले मिलने वाले 16,025 रुपये की बजाए 16,250.86 मिलेंगे। 

जबकि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों की बात की जाए तो अकुशल श्रमिकों को अब हर महीने कम से कम 12,530.25 रुपये मिलेंगे। पहले यह मजदूरी 12,356  रुपये थी। वहीं अर्द्धकुशल श्रमिकों को 13,590 के स्थान पर 13,782.30 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 की बजाए 15,438.42 रुपये देने होंगे।