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चंडीगढ़ में महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन

 

वॉयस ऑफ पानीपत ( हिमांशी चावला ) - महिलाओ और लड़कियों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ पुलिस ने ' स्वयम्र ' सेल्फ डिफेंस समर कैंप का आयोजन किया ।जून महिने में अभियान के तहत 215 लडकियों और महिलाओं को अपनी सुरक्षा करने के लिए गुर सिखाए गए । कैंप का मकसद महिलाओं को ऐसी तकनीके सिखाना है की वो किसी आपात स्थिती में जैसे की आत्मरक्षा,पीछा करने जैसी स्थिती में अपनी सुरक्षा स्वयं कर सके । उन्हे किसी के सहारे की जरुरत न पड़े ।

चंडीगढ़ में महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन

प्रशिक्षण करती महिलाएँ


यह समर कैंप दो बैचों में आयोजीत किया गया है । पहला बैच 1 जून से 15 जून और दूसरा बैच 16 जून से 30 जून तक चला । इसके अंदर पुलिस अधिकारियो और अनुभवी लोगो द्रवारा उन्हें आत्मरक्षा के अलग-अलग तरीके सिखाए गए । इसके अंदर हाथ पकड़ने या खींचने की स्थिती में खुद को कैसे बचाए और उन पर पलट वार कैसे करे जैसे उपाय सिखाए गए । कैंप में केवल शारीरीक ही नहीं बल्कि मानसिक स्थिती से कैसे भार आए ये भी सिखाया गया हैं । उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिती में घबराने की बजाए उस से बाहर कैसै आए ये भी बताया गया । साथ ही ये भी बताया गया कि आसपास खड़े लोगो से भी मदद मांग सकते है और तुरंत पुलिस को सुचना दे सकते है या किसी हेल्प लाइन नंबर पर तुरंत कॉल कर सकते है । प्रशिक्षकों ने ये भी बताया कि आत्मविश्वास औऱ सतर्कता कई बार बड़ी घटना होने से बचा सकती है ।

चंडीगढ़ में महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन

एसएसपी का बयान


चंडीगढ़ के पुलिस अधिकारीयों ने बताया कि इसका उद्देश्य महिलाओं को इस काबिल बनाना है कि वो किसी भी स्थिती में अपनी सुरक्षा स्वंय कर सके । साथ ही कैंप के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को ( certificate ) दिए गए । अधिकारियों ने कहां की भविष्य में ऐसे अवसर आयोजिचत किए जाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाए और लड़किया इसका फायदा उठा सके ।
एसएसपी कंवरदीप कोर ने कहा कि आज के समय में हर लड़की को आत्मरक्षा का परिक्षण जरुर लेना चाहिए । बताया जा रहा है कि 'स्वयम्' पिछले कई वर्षो से चलाया जा रहा है और इस कारण हजारों महिलाओं और छात्राओं को मुफ्त में आत्मरक्षा करना सिखाया गया और पुलिस स्कूल और कॉलेजों में भी सेल्फ डिफेन्स आयोजित करती है ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएँ और छात्राएँ इसे सिख सकें ।


TEAM VOICE OF PANIPAT