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बैंक लॉकर के रूल्स में हुआ बड़ा बदलाव, जाने नए नियम

 

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा):- अगर आप बैंक लॉकर इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए है. दरअसल RBI ने बैंक लॉकर नियमों को बदलने का फैसला किया है. इसके साथ ही RBI ने लॉकर में सेफ डिपॉजिट और बैंकों द्वारा दी जाने वाली सेफ कस्टडी फैसिलिटी के लिए नई गाइडलाइंस भी जारी की है. सेंट्रल बैंक ने विभिन्न बैंकों के साथ-साथ इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) से फीडबैक और कंज्यूमर कंप्लेन मिलने के बाद यह फैसला लिया है...अगर आपके पास भी लॉकर फैसिलिटी है तो RBI द्वारा नए नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.

बैंक लॉकर के रूल्स में हुआ बड़ा बदलाव, जाने नए नियम

RBI द्वारा बैंक लॉकर के लिए ये नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं

ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब लॉकर हायर करने वाला लॉकर को ज्यादा समय तक मैनेज नहीं कर पाते हैं या संबंधित शुल्क का भुगतान नहीं करते हैं. ऐसे में यह सुनिश्चित करने के लिए कि लॉकर हायर करने वाला लॉकर रेट्स का समय पर भुगतान करता रहे. इसके लिए बैंक के पास लॉकर के समय सावधि जमा लेने का अधिकार है. इस अमाउंट में तीन साल का किराया और लॉकर खोलने के लिए ब्रेकिंग चार्ज दोनों दोनों शामिल होंगे.

बैंक लॉकर के रूल्स में हुआ बड़ा बदलाव, जाने नए नियम

बैंकों को करंट लॉकर होल्डर्स या ऐसे लोगों से टर्म डिपॉजिट मांगने की अनुमति नहीं है जिनके पास पहले से ही ऑपरेटिव लॉकर हैं....अगर बैंक ने लॉकर का किराया पहले ही ले लिया है तो ग्राहकों को एडवांस अमाउंट की एक विशेष राशि वापस कर दी जाएगी. इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं के मामले में बैंक अपने ग्राहकों को जल्द से जल्द सूचित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं....यदि लॉकरों की सामग्री को नुकसान होता है तो बैंकों को हमेशा एक व्यापक बोर्ड-अप्रूव्ड पॉलिसी के साथ तैयार रहना चाहिए जिसमें उनके द्वारा देय देयता का विवरण दिया गया हो....जिन चीजों में लॉकर केयर शामिल है उनमें लॉकर सिस्टम का उचित संचालन और यह सुनिश्चित करना कि लॉकर में कोई अनअप्रूव्ड एक्सेस न हो शामिल हैं.

बैंक लॉकर के रूल्स में हुआ बड़ा बदलाव, जाने नए नियम

नए प्रावधानों के मुताबिक, भूकंप, बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण लॉकर के किसी भी नुकसान या नुकसान के मामले में बैंक जिम्मेदार नहीं होंगे...इसके अलावा बैंक यह सुनिश्चित करने के लिए लॉकर एग्रीमेंट में एक एडीशनल क्लॉज शामिल करेंगे कि लॉकर किराए पर लेने वाले को लॉकर में कुछ भी खतरनाक नहीं रखना चाहिए...बैंक प्रोफेशनल्स द्वारा धोखाधड़ी, आग या इमारत ढहने की स्थिति में बैंकों ने ईयरली रेंट की राशि का 100 गुना निर्धारित किया है.

TEAM VOICE OF PANIPAT