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अनिल विज ने भेजा बातचीत का न्योता, जल्द बहाल हो सकती है हरियाणा में बिजली आपूर्ति..

Haryana electricty Strike: सरकार सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए तैयार है। इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्यवाही करना भी शामिल है।
 
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Haryana news : हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल का असर अब पुरे प्रदेश में दिखाना शरू हो गया है। बता दे की 40 हजार कर्मचारी एक साथ हड़ताल पर जाने के व्यवस्था पूरी तरह से चरमर्रा गई है । स्थिति ऐसे बन गई है की कालांवाली और नाथूसरी चोपटा में रात से आपूर्ति बंद रही। निगम ने ठेकेदार के 20 कर्मचारी और आइटीआइ के 176 अप्रेंटिस लगाए लेकिन फिर भी बात नहीं बन पाई है । वहीँ फतेहाबाद में 73 में से 21 सबस्टेशन बंद रहे। हांसी के 12 सब स्टेशन और फीडर क्षेत्रों की आपूर्ति बाधित रही। हिसार सर्कल की बात करें तो 23 घंटे से 355 क्षेत्र ब्लैकआउट रहे। सुबह छह से शाम छह बजे तक 97 प्रतिशत स्टाफ हड़ताल पर रहा। ऐसे ही बाकी सभी जिलों का हाल है । गुरुग्राम समेत कई ऐसे इलाके है जहाँ पूरी तरह से काम ढप पड़ गया है ।


 बता दे की अब सरकार के सामने एक के बाद एक कई समस्याएं सामने आ रही है । बिजली कर्मचारियों को राजनीती पार्टियों के साथ किसानों का सहयोग मिलना शुरू हो चूका है । जिसका निचोड़ निकलने के लिए हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से अपील की कि वे हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर आ जाएं।

परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए तैयार है। इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्यवाही करना भी शामिल है। अगर अब सरकार और कर्मचारियों के बिच बात आगे बढ़ती है तो उम्मीद की जा रही है की जल्द बिजली व्यवस्था बहाल हो सकती है । 


कर्मचारी का साफ साफ कहना है की वो अब पीछे नहीं हटने वाले है, क्योंकि इसके पीछे उनका कोई पर्सनल फायदा नहीं है वो बच्चों के भविष्य के साथ साथ किसानों और आमजन के लिए आवाज उठा रहे है , क्योंकि अगर सिस्टम प्राइवेट होता है तो ये प्राइवेट कंपनियां अपनी मन मर्जी से सब कुछ निर्धारित करने वाली है ।

 
अधिक जानकारी के लिए बता दे की हरियाणा के दो जिले गुरुग्राम और नूह में बिजली का काम अब प्राइवेट कंपनियों को सौंपा गया है। जिसको लेकर प्रदेश में यह विरोध प्रदर्शन जारी है । लेकिन सरकार की तरफ से ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा की जिससे आमजन को फायदा पहुंच सके । जहाँ किसान खेत में तो आम आदमी घर में परेशान है ।