New Ayushman Arogya : हरियाणा में खुलेंगे 30 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, गरीबों को घर के पास मिलेगा इलाज
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा फोकस किया जा रहा है। जहां पर शहरी क्षेत्र में घर के पास ही लोगों को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा रहे है। इसी कड़ी में हरियाणा के गुरुग्राम जिले में 30 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
इन अरोग्य मंदिरों को स्थापित करने के लिए हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मैसर्स एएसआर हॉस्पिटल्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को 26 करोड़ 20 लाख 80 हजार रुपये की राशि मंजूर की है और इस कार्य के आदेश भी जारी कर दिए है। यह 30 आरोग्य मंदिर अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएंगे और वहां पर स्टाफ की तैनात करके लोगों को घर के पास ही इलाज की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक उसके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसी सोच को जमीन पर उतारने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे।
इन जगहों पर खोले जाएंगे अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं घर के नजदीक ही दी जाएगी। इसके लिए गुरुग्राम जिले में कुल 30 स्थानों को अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया है। इसमें हीरा नगर, नरसिंहपुर ढाणी, हरि नगर, शक्ति नगर, भीमगढ़ खेड़ी, शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, चंदन नगर, समालपुर, सेक्टर-56 घाटा गांव, सेक्टर-55, डीएलएफ फेज-1, सेक्टर-27, गंगा विहार, टिकरी ढाणी, मनोहर नगर, सूर्य विहार, धर्म कॉलोनी, ग्वाल पहाड़ी, प्रेम नगर, सरहौल, राम विहार, तिगरा गांव, सेक्टर-54, सराय गांव और कन्हई सहित अन्य क्षेत्र की जगह को चिन्हित किया गया है।
आरोग्य मंदिरों में मिलेगी 12 तरह की स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि लोगों को घर के पास ही अरोग्य मंदिरों में 12 तरह की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमं गर्भावस्था एवं प्रसव पूर्व देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, संक्रामक रोगों का प्रबंधन, सामान्य बीमारियों की ओपीडी, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग एवं उपचार, आंख व ईएनटी संबंधी सेवाएं, मौखिक स्वास्थ्य, बुजुर्ग एवं पेलिएटिव केयर, आपातकालीन सेवाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच एवं प्रबंधन शामिल हैं।
इसके साथ ही योग एवं आयुष सेवाओं को भी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। जरूरतमंद मरीजों को टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी होगी। इन केंद्रों पर मरीजों को मुफ्त में ही इलाज व दवाई उपलब्ध करवाई जाएगी।