अग्निवीरों के भविष्य पर दो बड़े कदम, 4 से 6 साल की सेवा पर विचार और 20 प्रतिशत रिजर्वेशन
Agniveer news : अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों के भविष्य को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अहम कदमों की चर्चा है। केंद्र सरकार अग्निवीरों की शुरुआती चार साल की सेवा को बढ़ाकर छह साल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है।
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए शुरुआती बैच का चार साल का कार्यकाल इस साल पूरा होने वाला है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नौसेना के पहले बैच की सेवा 21 नवंबर, वायुसेना के बैच की 21 दिसंबर और थलसेना के पहले बैच की 31 दिसंबर 2026 को पूरी होगी।
इसी समयसीमा को देखते हुए अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि तीनों सेनाओं में कितने अग्निवीरों को सेवा विस्तार दिया जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और उसकी शर्तें तय होने के बाद ही इस बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मौजूदा व्यवस्था में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद निर्धारित संख्या में अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। सेवा विस्तार का विकल्प लागू हुआ तो अग्निवीरों के सामने सेना में बने रहने या सेवा पूरी कर बाहर आने के विकल्प हो सकते हैं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सेवा छोड़ने वाले अग्निवीरों को निर्धारित सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
यूपी में भर्ती प्रक्रिया में राहत का ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा के गौरा विधानसभा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम के दौरान पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की। यह सुविधा चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए बताई गई है।
घोषणा के अनुसार, राज्य के पुलिस और संबंधित विभागों में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण के साथ आयु सीमा में छूट और चयन प्रक्रिया में राहत भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्य सेवा पूरी करने के बाद उन्हें राज्य की नौकरियों के लिए लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देकर सीधे नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा।
इससे पहले 9 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने पुलिस, वन, जेल और परिवहन विभागों की भर्ती नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट और परीक्षा संबंधी राहत का प्रावधान शामिल बताया गया है।