ऑनलाइन बुकिंग में पैसे कट गए लेकिन नहीं मिला बस टिकट, WhatsApp पर शिकायत से रिफंड
Roadways bus ticket online booking refund : ऑनलाइन बस टिकट बुक करते समय खाते से पैसे कटने के बावजूद टिकट जारी नहीं होने की समस्या से जूझने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने ऐसी शिकायतों के समाधान के लिए नई व्यवस्था शुरू की है।
अब तकनीकी गड़बड़ी या नेटवर्क की समस्या के कारण भुगतान फंसने पर यात्रियों को रिफंड के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए परिवहन निगम ने अलग से WhatsApp नंबर जारी किया है।
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी यात्री के बैंक खाते से ऑनलाइन टिकट का भुगतान कट जाता है, लेकिन उसे टिकट नहीं मिलता, तो वह भुगतान का स्क्रीनशॉट जारी WhatsApp नंबर पर भेज सकता है। इसके बाद निगम की ओर से मामले की जांच कर रिफंड की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एक से 24 घंटे में खाते में वापस आएंगे पैसे
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि भुगतान होने के बावजूद टिकट जारी नहीं होने की स्थिति में यात्री की कटी हुई रकम एक से 24 घंटे के भीतर उसके खाते में वापस पहुंच जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली तकनीकी परेशानियों को दूर करना और यात्रियों को समय पर राहत देना है।
रायबरेली डिपो से रोजाना हजारों यात्री करते हैं सफर
रायबरेली परिवहन निगम डिपो से 94 निगम की और 72 अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 20 से 22 हजार यात्री सफर करते हैं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान कई बार नेटवर्क या अन्य तकनीकी कारणों से खाते से रकम कट जाती है, लेकिन टिकट जारी नहीं होता।
ऐसी स्थिति में यात्रियों को मजबूरी में परिचालक से दोबारा ऑनलाइन भुगतान करना पड़ता है या नकद पैसे देकर टिकट लेना पड़ता है। इससे उन्हें एक ही यात्रा के लिए दोबारा भुगतान करने और अतिरिक्त पैसों की व्यवस्था करने जैसी परेशानी झेलनी पड़ती है।
रिफंड के लिए इस WhatsApp नंबर पर भेजें स्क्रीनशॉट
परिवहन निगम ने यात्रियों की इस समस्या को देखते हुए WhatsApp नंबर 94150 49606 जारी किया है। जिन यात्रियों के खाते से टिकट बुकिंग के दौरान पैसे कट गए हैं, लेकिन टिकट नहीं मिला, वे भुगतान से संबंधित स्क्रीनशॉट इस नंबर पर भेज सकते हैं।
परिवहन निगम की इस पहल से ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर तकनीकी गड़बड़ी के कारण भुगतान फंसने की स्थिति में अब रिफंड पाने की प्रक्रिया पहले से आसान हो सकेगी।