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किसानों के लिए केंद्र ने खोला खजाना, हरियाणा समेत 10 राज्यों को बड़ा तोहफा

 

Central Government Announcement : केंद्र सरकार ने किसानों के लिए खजाना को खोल दिया है। दिल्ली में हुए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन- रबी अभियान-2026 के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं की। इसमें जहां पर किसानों के MSP से संबंधित नए निर्णय लिए गए और फैसला लिया कि किसानों की पेमेंट 48 घंटें में होनी चाहिए।

इसके अलावा देश के दस राज्यों के लिए 1200 करोड़ से ज्यादा की मंजूरी दी गई है। इसमें हरियाणा प्रदेश के 198 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। कृषि मंत्री ने घोषणा की देश में अब MSP पर तुअर, उड़द और मसूर की 100 प्रतशित सरकारी खरीद की जाएगी और किसानों को इसका भुगतान अगले 48 घंटे में कर दिया जाएगा। नकली खाद-बीज पर सख्ती, प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देशभर में 22 अक्टूबर से 'खेत बचाओ अभियान' की शुरुआत की जाएगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से किसानों के लिए खजाना खोलते हुए पीएम-आरकेवीवाई के अंतर्गत पश्चिम बंगाल को 290 करोड़ रुपये, हरियाणा को 198 करोड़रुपये, छत्तीसगढ़ को 181 करोड़ रुपये, अरुणाचल प्रदेश को 154 करोड़ रुपये, बिहार को 114 करोड़ रुपये, कर्नाटक को 104 करोड़ रुपये, मिजोरम को 75 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश को 64 करोड़ रुपये, झारखंड को 58 करोड़ रुपये और पंजाब को 43 करोड़ रुपये के स्वीकृति पत्र वितरित किए।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र में होने वाली साप्ताहिक समीक्षा की तर्ज पर अब हर महीने राज्यों के साथ नियमित वर्चुअल समीक्षा बैठकें की जाएंगी। इसमें किसानों को दी जाने वाली योजनाओं की नियमित समीक्षा होगी। राज्य स्तर पर कृषि मंत्री, कृषि सचिव, राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, केवीके, आत्मा, एफपीओ, प्रगतिशील किसानों, प्रोसेसर्स, एक्सपोर्टर्स और भारत सरकार के नोडल अधिकारियों को जोड़कर एक सशक्त राज्य कृषि टीम बनाई जाएगी। वहीं, जिला स्तर पर कलेक्टर, डीडीए, आत्मा, केवीके, आईसीएआर वैज्ञानिकों, बैंकर्स और किसानों की मासिक बैठकें होंगी।

इन फसलों को 100 प्रतिशत होगी खरीद

कृषि मंत्री ने कहा कि तुअर, उड़द और मसूर की एमएसपी पर 100 प्रतिशत खरीद होगी और 48 घंटे में भुगतान की व्यवस्था होगी। अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की नई बाजार नीति का लाभ उठाकर भारतीय कृषि उत्पादों, फलों, सब्जियों और अनाज को वैश्विक निर्यात से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को उपज के बेहतरीन दाम मिल सकें और भारत दुनिया का प्रमुख 'फूड बास्केट' बन सके।