300 करोड़ की लागत से वाराणसी में बनेंगे 2 क्रूज टर्मिनल, आएगा एयरपोर्ट जैसा फील
Ganga Cruise Tourism: क्रूज के सफर का जिक्र होते ही समुंद्र की लहरों का नजारा आंखों के आगे आने लगता है। यह नजारा लेने के लिए अब समुंद्र में जाने की जरूरत नहीं है।
क्योंकि यह नजारा अब उत्तर भारत में ही मिल जाएगा। इसके लिए सरकार ने खास योजना बनाई है। इसके तहत वाराणसी में दो क्रूज टर्मिलन बनाए जाएंगे। इन पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके लिए गंगा के सामने घाट और रामनगर स्थित मल्टीमाडल टर्मिनल (एमएमटी) परिसर में 150-150 करोड़ रुपये की लागत से दो क्रूज टर्मिनल बनाने की योजना है।
इससे सरकार गंगा में क्रूज पर्यटन को इस परियोजना के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण यानी आईडब्ल्यूएआई द्वारा इस परियोजना की डीपीआर को जल्द ही तय कर लिया जाएगा।
दरअसल वाराणसी देश में प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। ऐसे में योजना बनाई गई है कि कोलकाता से वाराणसी आने वाले बड़े और लग्जरी क्रूज के लिए रामनगर टर्मिनल को प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
यहां की जा रही व्यवस्थाओं में एक साथ तीन से चार बड़े क्रूज या करीब 10 छोटे क्रूज खड़े हो सकेंगे। यहां पर पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
इसके तहत यात्रियों के लिए आलीशान प्रतीक्षालय बनेगा। इसके साथ ही यात्रियों के प्रवेश व निकासी के लिए अलग से गेट बनाए जाएंगे।
सबसे अहम बात यहां बनने बाली सुरक्षा नियंत्रण प्रणाली है। इसके अलावा विदेशी पर्यटकों के लिए इमिग्रेशन काउंटर की सुविधा होगी।
इसके अलावा सामने घाट पर बन रहे टर्मिनल से हल्के और छोटी दूरी के क्रूज का संचालन होगा। यानी यहां से पर्यटक गंगा किनारे बने धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन कर सकेंगे।
सरकार की योजना है कि इससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जो क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। क्योंकि पर्यटन के साथ ही नाविकों का काम बढ़ेगगा।
इसके अलावा जेटी संचालकों के साथ गाइड और कलाकारों को अधिक मौके मिलेंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय को भी ऑक्सीजन मिलेगी।