गुजरात में बिजली संकट, सरकार ने खपत कम करने को कहा
देश के उच्च विकास दर वाले राज्यों में शुमार गुजरात में इस समय बिजली संकट की स्थिति बन रही है। क्योंकि वहां की सरकार ने लोगों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से बिजली खपत नियंत्रित करने की अपील की है। ऐसे में आने वाले दिनों में गुजरात में बिजली आपूर्ति की स्थिति और अधिक गड़बड़ा सकती है।
देश में बिजली उत्पादन की बात की जाए तो गुजरात का नाम अग्रणी राज्यों में आता है। क्योंकि गुजरात का योगदान देश की कुल बिजली उत्पादन में 12.61% है। गुजरात को बिजली उत्पादन में सबसे आगे कहा जाता है। क्योंकि यहां प्रतिदिन 80,000 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है।
रात को लग रहे कट
गुजरात में इस समय रात के समय बिजली कटों की सूचनाएं आ रही हैं। इससे साफ है कि राज्य में बिजली आपूर्ति कम है। हालांकि राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ा है। इसको लेकर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की रिपोर्ट में भी कहा गया है। इसके बावजूद कट लगने से बिजली की मांग में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।
इसके बावजूद इस बार गुजरात में बिजली की मांग बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर मानसून और गर्मी के कारण मांग बढ़ी है। अब त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। इसमें बिजली की खपत बढ़ जाती है। इसके बावजूद गुजरात में 1.19 लाख मिलियन यूनिट का उत्पादन किया जा रहा है। हालांकि पिछले रिकार्ड की अपेक्षा करीब 9,000 मिलियन यूनिट कम है।
इस सीजन में आती है समस्या
हालांकि इस सीजन में हर साल ही गुजरात में बिजली की आपूर्ति और मांग में समस्या आती है। इस बार अलनीनो का प्रभाव होने से मानसून फीका रहा। ऐसे में बिजली संकट का यह मुख्य कारण हो सकता है। क्योंकि इससे जलविद्युत और पवन ऊर्जा का उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं बारिश की कमी के कारण सरदार सरोवर परियोजना, और तापी तथा कडाना बांधों में बिजली उत्पादन में कमी रही है।