{"vars":{"id": "141324:5161"}}

 Honda ने बनाई वायरलेस टेक्नोलॉजी से चार्ज होने वाली EV, सड़क पर चलते-चलते चार्ज होगी इलेक्ट्रिक कार

EV गाड़ियों को चार्जिंग स्टेशन की जरूरत ही नहीं रहेगी। हालांकि फिलहाल यात्री वाहनों यानी कारों के लिए इस तकनीक को शुरू नहीं किया जा रहा है। प्रयोग के तौर पर लॉजिस्टिक्स और कॉमर्शियल वाहनों में यह तकनीक आजमाई जाएगी।
 

Honda New EV : आजकल इलेक्ट्रिक कारों का प्रचलन काफी बढ़ रहा है। यह कारें जहां पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं, वहीं इनको चलाने का खर्च भी कम पड़ता है। लेकिन जब कार को कहीं बाहर चार्ज करना पड़ता है तो इसमें समय बहुत अधिक लगता है। ऐसे में कार मालिक या चालक को काफी परेशानी है, लेकिन अब यह बीते जमाने की बात हो गई है। क्योंकि अब इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने के लिए कहीं चार्जिंग स्टेशन पर खड़ी करने की जरूरत नहीं है। 
 

नई तकनीक से कार चलते-चलते ही चार्ज हो जाएगी। यह सुविधा ठीक उसी प्रकार मिलेगी, जैसे आप वायरलेस चार्जर से अपनी मोबाइल फोन को चार्ज करते हो। विश्व की प्रतिष्ठित कार निर्माता कंपनी होंडा ने इसका तोड़ निकाल लिया है। यानी इ्लेक्ट्रिक कार अब टेंशन नहीं टशन देने वाली होंगी।


 जापान की कार निर्माता कंपनी होंडा द्वारा एक खास तकनीक विकसित की गई है। इसको नाम दिया गया है। डायनामिक वायरलेस पावर ट्रांसफर यानी DWPT। कंपनी का दावा है कि पिछले करीब 6 साल से वे इस तकनीक पर काम कर रहे थे। यह तकनीक जापान में कंस्ट्रक्शन कार्य करने वाली कंपनी तेसेई कॉर्पोरेशन और तेसेई रोटेक के साथ मिलकर विकसित की गई है।

 

इस तकनीक के बारे में कंपनी की ओर से बताया गया है कि इसके द्वारा EV गाड़ियों को चार्जिंग स्टेशन की जरूरत ही नहीं रहेगी। हालांकि फिलहाल यात्री वाहनों यानी कारों के लिए इस तकनीक को शुरू नहीं किया जा रहा है। प्रयोग के तौर पर लॉजिस्टिक्स और कॉमर्शियल वाहनों में यह तकनीक आजमाई जाएगी।

 

इस तकनीक के काम करने में मुख्य रूप से 3 खास मैकेनिजम काम करेंगे।  इसमें पहला है ग्राउंड-बेस्ड DC पावर सप्लाई। इस खास तकनीक के तहत बाहरी चार्जिंग की बजाय उन सड़कों पर ही भूमिगत चार्जिंग नेटवर्क को बिजली सप्लाई होगी। 


इसके बाद ग्राउंड असेंबली के माध्यम से सड़क के नीचे वायरलेस चार्जिंग पैड्स की एक सीरीज इंस्टाल की जाएगी। इसको DC पावर केबल्स से जोड़ कर पावर दी जाएगी। इस तकनीक के तहत जब वाहन सड़क से चलेगा तो यहां लगे पैड्स एक मैग्नेटिक फील्ड जेनरेट करते हुए वाहन को चार्ज करेगा। 

 

इसके अलावा  सड़ृक की सतह के नीचे लगे खास सिस्टम से चार्जिंग लेने के लिए गाड़ी में भी कुछ तकनीक जोड़ी गई है। क्योंकि इन गाड़ियों के नीचे पावर रिसीवर होगा, जो सीधा मैग्नेटिक फील्ड से बिजली लेकर गाड़ी की चार्जिंग बढ़ाएगा।