1100 एकड़ में बनेगी इलेक्ट्रोनिक्स सिटी, विदेशी कंपनियां करेंगी निवेश, इसी महीने होगा शिलान्यास
इलेक्ट्रोनिक्स सिटी बनने से वैशाली में चिप, कंप्यूटर, स्मार्ट फोन, टीवी व अन्य इलेक्ट्रोनिक्स उपकरणों का उत्पादन होगा। 1100 एकड़ में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी में कई विदेशी कंपनियां भी निवेश कर रही हैं। उम्मीद है कि इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करेंगे।
देश में इलेक्ट्रोनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने खास योजना तैयार की है। इसके तहत 1100 एकड़ में बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बनने वाला है। यहां पर इलेक्ट्रोनिक्स उद्योग के लिए खास व्यवस्था रहेगी। असल में यहां पर बेंगलुरू की तर्ज पर इलेक्ट्रोनिक्स सिटी का निर्माण किया जाना है।
यह नया इलेक्ट्रोनिक्स सिटी बिहार के वैशाली जिला के राजापाकर में बनने जा रहा है। इससे जहां हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र की पहचान बनेगी। सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह इलेक्ट्रोनिक्स सिटी बनने से वैशाली में चिप, कंप्यूटर, स्मार्ट फोन, टीवी व अन्य इलेक्ट्रोनिक्स उपकरणों का उत्पादन होगा। 1100 एकड़ में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी में कई विदेशी कंपनियां भी निवेश कर रही हैं। उम्मीद है कि इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करेंगे।
ऐसे में आने वाले समय में बिहार के वैशाली जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिलने जा रही है। यहां राजापाकर में बनने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी में देश-विदेश की कंपनियां अपने कारोबार शुरू करनेंगी। इसको लेकर कंपनियों ने जमीनी स्तर पर काम शुरू किया है। क्योंकि दक्षिण कोरिया की एक कंपनी द्वारा अपने प्रतिनिधियों को भेज कर यहां की स्थिति जांची है।
उम्मीद जताई जा रही है कि वैशाली के इस इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी में 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा। इससे निश्चित रूप से 1 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम धंधे मिलेंगे। क्योंकि कई सारी देसी व विदेशी कंपनियां यहां निवेश की तैयारी कर रही हैं। इस इलेक्ट्रोनिक्स सिटी में इंफोसिस, विप्रो, टीसीएस, एचसीएल, टेक महिंद्रा, बायोकॉन जैसी कंपनियां अपने कारोबार शुरू करने जा रही हैं।
कंपनियों को प्लग एंड प्ले की सुविधा मिलेगी
इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी में जमीन के साथ प्लग एंड प्ले की सुविधा भी मिलेगी। कंपनियां सीधे मशीन स्थापित कर उत्पादन शुरू कर सकती हैं। इस हब में मोबाइल फोन, चिप, एलईडी बल्ब, कंप्यूटर पार्ट्स, मेडिकल और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल कैमरा, टेलीविजन, स्मार्ट टीवी, स्मार्ट वॉच बनाने वाली कंपनियों को जगह दी जाएगी।
3 विकास खंडों की जमीन चिन्हित
इस परियोजना के लिए सरकार ने तीन विकास खंडों की जमीन चिन्हित की है। इसके तहत राजापाकर, जंदाहा, और महुआ क्षेत्र की 1243 एकड़ में यह विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा।
यहां पर इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क के साथ निफ्टेम भी स्थापित किया जाना है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के लिए करीब 1100 एकड़ और निफ्टेम के लिए 100 एकड़ जमीन का प्रस्ताव है।
परियोजना को आगे बढ़ाते हुए 485 एकड़ भूमि का अधिग्रहण भी हो चुका है।
बाकी बची जमीन के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया की जा रही है।