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हरियाणा में डॉक्टरों-नर्सों की प्रैक्टिस पर डिजिटल पहरा, 90 दिन भीतर नहीं किया ये काम तो रजिस्ट्रेशन कैंसिल

 

Health news :  हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉक्टरों, नर्सों, फार्मासिस्टों और आयुष चिकित्सकों के लिए अब डिजिटल पहचान अनिवार्य होगी। स्वास्थ्य विभाग ने नए पंजीकरण और नवीनीकरण के दौरान हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) आईडी को जरूरी कर दिया है। निर्धारित समय में डिजिटल पहचान नहीं बनवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का अस्थायी पंजीकरण सस्पेंड किया जा सकेगा। ऐसे में वे मरीजों का इलाज नहीं कर पाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह व्यवस्था आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और उनकी पहचान को प्रमाणित करना है।

नए पंजीकरण और नवीनीकरण में जरूरी होगी आईडी
नई व्यवस्था के तहत डॉक्टर, दंत चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, नर्स, एएनएम, जीएनएम, बीएससी और एमएससी नर्सिंग से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी, फार्मासिस्ट और अन्य पात्र पेशेवरों को एचपीआर में पंजीकरण करवाना होगा। मेडिकल, नर्सिंग और फार्मेसी परिषदों में नए पंजीकरण या नवीनीकरण के समय डिजिटल आईडी प्रस्तुत करनी होगी। जिन स्वास्थ्यकर्मियों के पास यह आईडी नहीं होगी, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसे बनवाना पड़ेगा।

90 दिन तक मिल सकेगा अस्थायी पंजीकरण
अधिसूचना के अनुसार, एचपीआर आईडी नहीं होने पर स्वास्थ्यकर्मी आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। संबंधित परिषद उन्हें अधिकतम 90 दिन का अस्थायी पंजीकरण दे सकती है। इस अवधि में अन्य कानूनी शर्तें पूरी करने पर वे मरीजों का इलाज जारी रख सकेंगे।

यदि स्वास्थ्यकर्मी 90 दिन के भीतर एचपीआर आईडी नहीं बनवाता है तो उसका अस्थायी पंजीकरण निलंबित हो जाएगा। इसके बाद वह मरीजों का इलाज नहीं कर सकेगा। आईडी बनने के बाद उसे 10 दिन के भीतर संबंधित परिषद में पंजीकरण बहाल करवाने के लिए आवेदन करना होगा। सक्षम अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद ही दोबारा प्रैक्टिस की अनुमति मिलेगी।

आईडी बनवाने के लिए तीन बार भेजे जाएंगे संदेश
स्वास्थ्यकर्मियों को डिजिटल आईडी बनवाने के लिए समय-समय पर मोबाइल और ईमेल पर रिमाइंडर भी भेजे जाएंगे। पहला संदेश 30 दिन के भीतर, दूसरा 30 से 60 दिन के बीच और तीसरा 75 दिन के आसपास भेजा जाएगा। परिषद को आवेदन में दी गई जानकारी सही पाए जाने पर 10 दिन के भीतर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

अधिसूचना में उन स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है, जिनका पंजीकरण या नवीनीकरण आदेश जारी होने के 30 दिन के भीतर होना है। ऐसे पेशेवरों को एचपीआर आईडी बनवाने के लिए 30 दिन की अतिरिक्त समय-सीमा दी जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेश में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।