शुगर मिल से 24 लाख की सैकड़ों क्विंटल चीनी गायब, विभाग में हड़कंप
वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह)
शुगर मिल में चीनी विक्रय केंद्र से 24 लाख रुपये की चीनी कम मिलने से विभाग में हड़कंप मच गया है। तीन बार नोटिस देने के बावजूद भी मुख्य समयपालक सुरेंद्र सिंह के कोई संतोषजनक जवाब नहीं देने पर एमडी प्रदीप अहलावत ने रिकवरी के आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई में भी पेमेंट नहीं मिलने पर समयपालक के एक तिहाई वेतन और फंड से रिकवरी की जाएगी।
फरवरी 2020 में मिल प्रबंधन ने चीनी, शीरा, देसी शराब, एथनॉल, वीटा बूथ, लकड़ी और पेट्रोल पंप के स्टॉक की भौतिक गणना के लिए कमेटी का गठन किया था। विक्रय केंद्र से स्टॉक में गड़बड़झाला होने का पर्दाफाश किया। पानीपत शुगर मिल में 13 माह में 701 क्विंटल यानि लगभग 24 लाख रुपये की चीनी गायब मिली। पोल खुलते ही मुख्य समयपालक सुरेंद्र सिंह कभी बीमारी तो कभी मिलान करने का बहाना बनाने लगा। 11 मार्च और 11 मई को दो बार नोटिस देने के बावजूद भी कोई उचित जवाब नहीं दे पाया।
शुगर मिल में काम करते समय राजनगर के रोहताश पर बॉयलर से गर्म पानी गिर गया था। लगभग 90 फीसद झुलसी हालत में उसे साथी श्रमिकों ने उपचार के लिए पीजीआइ रोहतक पहुंचाया। जहां उसने 4 मई की रात को दम तोड़ दिया। अभी तक परिवार को कोई मुआवजा नहीं मिला है। अधिकारियों से बात तक नहीं होने से स्वजनों में रोष व्याप्त है। परिवार की मांग है कि उन्हें आर्थिक मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
शुगर मिल में काम कर रहे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि जहां मिल में सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी है, वहीं मिल में मशीनों के कलपुर्जों की खरीद में बड़े स्तर पर घोटाला किया जा रहा है। अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोने का डर दिखाकर चुप करा दिया जाता है।
TEAM VOICE OF PANIPAT