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सिरसा के 'चांदनी चौक' का इतिहास है 124 साल पुराना, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी 

करीब 123 वर्ष पहले दिल्ली के चांदनी चौक बाजार के नाम पर ही इस बाजार का नाम रखा गया।व्यापारियों के अनुसार बाजार में तब दो से तीन ही कपड़े की दुकानें हुआ करती थी।
 

HARYANA NEWS: हरियाणा के सिरसा जिले में एक ऐसी जगह है जिसकी मान्यता काफी पुरानी मानी जाती है । बता दे की सिरसा शहर का चांदनी चौक बाजार सबसे पुराना है। अधिक जानकारी के लिए बता दे की करीब 123 वर्ष पहले दिल्ली के चांदनी चौक बाजार के नाम पर ही इस बाजार का नाम रखा गया।व्यापारियों के अनुसार बाजार में तब दो से तीन ही कपड़े की दुकानें हुआ करती थी। उस समय कपड़ा भी राशन कार्ड पर ही दुकान से मिलता था। राशन कार्ड पर व्यापारियों की तरफ से परिवार के अनुसार कपड़ा दिया जाता था।


 बाजार के पीछे अनाज मंडी और गुड़ मंडी हुआ करती थी। जिसे आज भादरा बाजार का नाम दिया गया है। पहले इस बाजार में गुड़ और करियाणा की दुकानें अधिक होती थी। लेकिन वर्तमान में हर प्रकार की दुकानों व शोरूम का यहां पर संचालन हो रहा है।


आज के समय की बात करें तो चांदनी चौक शहर के बीचों बीच स्थित है। इसके चारों तरफ आज काफी दूरी तक बाजार व शहर फैल चुका है। 

घंटाघर चौक भी है प्रसिद्ध 


अधिक जानकारी के लिए बता दे की शहर के बीचों बीच स्थित बलिदानी भगत सिंह चौक के साथ ही चांदनी चौक बाजार बना हुआ है। बड़े बुजर्गों की दी हुई जानकारी के अँसुअर बता दे की यहाँ सबसे पहले सेठ नंदलाल की हवेली बनी थी।

जिसके ऊपर घंटा लगा हुआ था और उसी से कुछ दूरी पर ही घंटाघर चौक भी बना हुआ था। जो आज के समय में भी काफी प्रसिद्ध है .

बता दे की उस समय सेठ नंदलाल की हवेली पर लगी घड़ी पर आसपास के लोग समय देखते थे और हर घंटे यहां पर घंटा बजता था।

सेठ नंदलाल हवेली के सामने ही श्याम लाल मेहता की हवेली थी। नंदलाल हवेली बनने के बाद यहां आसपास दुकानों की संख्या भी बढ़ना शुरू हो गई।

तब चांदनी चौक बाजार में दो से तीन दुकानें कपड़े की थी और अधिक दुकानें करियाणा व गुड़ की हुआ करती थी। यहां से ग्रामीण व दूसरे राज्यों के लोग खरीदारी करने के लिए आते थे।

लेकिन आज के समय में यहां बड़े शोरूम, माल और आसपास कई बाजार बसे हुए है। वहीं श्याम लाल मेहता की हवेली के पीछे आज मोहता मार्केट बनी हुई है।