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हरियाणा में इन कर्मचारियों के लिए जारी हुए सख्त आदेश, सरकार ने अचानक लिया बड़ा फेंसला 

हरियाणा सरकार ने यह फैसला ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए किया है, विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई रंगे हाथों पकड़े गए हैं।
 

HARYANA NEWS : हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लंबे समय से बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रही है।

इसी कड़ी में अब यह तय किया गया है कि भ्रष्टाचार में फंसे अधिकारी व कर्मचारियों को जमानत मिलने के बाद भी उसी पद और स्टेशन पर तैनाती नहीं मिलेगी।

सरकार का यह फैसला भ्रष्टाचार का जाल तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।

दरअसल हरियाणा सरकार ने यह फैसला ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए किया है, विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई रंगे हाथों पकड़े गए हैं।

इसको लेकर सरकार ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि ऐसे अधिकारियों या कर्मचारियों को जमानत पर रिहा होने के बाद भी उसी पद और स्टेशन पर दोबारा नहीं लगाया जाएगा। यानी उनको नया कार्यक्षेत्र वहां से दूर होगा, जहां वे पकड़े गए थे। 

इसको लेकर 27 अक्टूबर को हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय के सतर्कता विभाग आदेश जारी किए गए हैं।

इसका उद्देश्य है कि ऐसा करके लंबित मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जाए।

क्योंकि ऐसे मामलों में पुराने स्टेशन पर ही दोबारा नौकरी करने पर आरोपी कर्मचारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं और गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। 

आसपास के जिलों से भी रहेंगे दूर


सरकार ने इस मामले में सख्ती से फैसला लेते हुए तय किया है कि रंगे हाथों पकड़े गए कर्मचारियों को जमानत मिलने के बाद भी आसपास के जिलों की सीमा से बाहर नियुक्ति दी जाए।

यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी जिला कैडर का है तो उसे उसी जिले में दूसरे स्थान पर दोबारा नियुक्त किया जा सकता है।