हरियाणा से बिहार के लिए 12 रूटों पर चलेंगी रोडवेज बसें, 16 बड़े शहर होंगे कवर, देखें रूट
Haryana to Bihar Bus Service : परिवहन विभाग ने हरियाणा से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए लंबी दूरी की बस यात्रा को आसान बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। दोनों राज्यों के बीच अंतरराज्यीय परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने के लिए 12 नए बस मार्गों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन मार्गों के जरिए हरियाणा के तीन प्रमुख शहरों को बिहार के चार शहरों से जोड़ा जाएगा।
प्रस्तावित योजना में गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से पटना, गया, पूर्णिया और मधुबनी के लिए बसें चलाने का खाका तैयार किया गया है। इनमें अंबाला से पूर्णिया तक का मार्ग सबसे लंबा होगा, जिसकी कुल दूरी 1470 किलोमीटर निर्धारित की गई है। वहीं गुरुग्राम से पटना के बीच 1044 किलोमीटर का सफर तय करना होगा।
हरियाणा सरकार ने इस संबंध में परिवहन समझौते का मसौदा जारी कर दिया है। आम लोगों से 30 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद अंतिम समझौता प्रकाशित होने पर ही बसों के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल बसों के चलने की तारीख और समय-सारिणी तय नहीं हुई है।
4 प्रमुख शहरों तक पहुंचेगी बस सेवा
प्रस्तावित समझौते के तहत बिहार के चार प्रमुख शहरों को हरियाणा के तीन शहरों से जोड़ने की योजना है। पटना और पूर्णिया के लिए तीनों शहरों से बस मार्ग रखे गए हैं। गया के लिए गुरुग्राम से दो और अंबाला से एक मार्ग प्रस्तावित है। मधुबनी के लिए भी गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से एक-एक रूट निर्धारित किया गया है।
गुरुग्राम से पटना जाने वाली बस सोहना, पलवल, अलीगढ़, लखनऊ, आजमगढ़, बक्सर और आरा होते हुए पहुंचेगी। पानीपत से पटना के लिए दिल्ली, नोएडा, आजमगढ़, बक्सर और आरा का रास्ता प्रस्तावित है। अंबाला से पटना जाने वाली बस करनाल, मेरठ, लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, कुशीनगर और गोपालगंज जैसे शहरों से होकर गुजरेगी।
पूर्णिया के लिए गुरुग्राम से 1267 किलोमीटर, पानीपत से 1361 किलोमीटर और अंबाला से 1470 किलोमीटर के मार्ग प्रस्तावित हैं। गया के लिए गुरुग्राम से दो अलग-अलग रास्ते रखे गए हैं, जिनकी दूरी 1081 और 1099 किलोमीटर होगी। मधुबनी के लिए तीनों शहरों से 1183, 1264 और 1378 किलोमीटर के मार्ग तय किए गए हैं।
किराया और समय-सारिणी बाद में होगी तय
मसौदे में फिलहाल बसों के रास्ते और दूरी का विवरण दिया गया है। बसें किस समय चलेंगी, रोजाना कितने फेरे लगाएंगी और यात्रियों से कितना किराया लिया जाएगा, यह अभी तय नहीं किया गया है। इसके अलावा दोनों राज्यों के परिवहन प्राधिकरण अपने परिवहन उपक्रमों से चर्चा करके समय-सारिणी निर्धारित करेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेस, डीलक्स, एसी डीलक्स और एसी स्लीपर जैसी बसों के संचालन की संभावना भी रखी गई है। दोनों राज्यों के प्रतिनिधि हर साल बैठक कर समझौते की समीक्षा कर सकेंगे। नए सार्वजनिक परिवहन मार्गों को शामिल करने के लिए दोनों राज्यों की सहमति जरूरी होगी।