हरियाणा के गुरुग्राम समेत दो बड़े जिलों में अब प्राइवेट कंपनी करेगी बिजली सप्लाई, HERC ने दिया लाइसेंस
Haryana News : हरियाणा से इस वक्त की बड़ी ही अहम खबर सामने आ रही है। बता दे की बिजली कर्मियों के विरोध के बाद भी हरियाणा में बिजली की कमान अब Private कम्पनी के हाथों में जा रही है। इसको लेकर एक आदेश जारी हुआ है। जिसके अनुसार दो जिलों में ऐसा होने वाला है। वहीँ बिजली कर्मचारियों ने भी आपात बैठक की है।
अधिक जानकारी के लिए बता दे की हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों के लिए एक करोड़ रुपए पेड़अप वाली 'इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड' (Eleven Power Private Limited) को 25 वर्षों की अवधि के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस (Parallel Distribution Licence) दिए जाने के फैसले से प्रदेश भर के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों में भारी आक्रोश है।
वहीँ दूसरी तरफ हरियाणा में बिजली विभाग के कर्मचारी और हरियाणा पावर एम्प्लॉइज एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा ने सर्वसम्मति से आज के दिन को "हरियाणा के इतिहास में काला दिन" करार दिया है।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार और आयोग मिलकर सारे बिजली निगमों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रच रहे हैं। गुरुग्राम और नूंह जैसे उच्च राजस्व वाले (High Revenue) औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को निजी कंपनी के हवाले करना सीधे तौर पर सरकारी बिजली निगमों (दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम - DHBVN) की कमर तोड़ने जैसा है और आने वाले समय में बाक़ी जिलों को भी प्राईवेट कंपनियों के हवाले करने की सरकार की योजना है । Haryana News
निजीकरण के दुष्परिणामों
निजी कंपनी केवल लाभकारी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति करेगी,
जनता के टैक्स से बना हुआ बिजली नेटवर्क प्राइवेट कंपनी को फ़्री में दिया जाएगा, ये सरासर जनता के साथ अन्याय है
आम उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ: निजीकरण के बाद बिजली दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी, जैसे गैस सिलेंडर की ख़त्म हो गई ।Haryana News
आम नागरिकों, किसानों और छोटे दुकानदारों को महंगी बिजली का सामना करना पड़ेगा।
इस फैसले से 40,000 बिजली कर्मचारियों (पक्के, कच्चे, आउटसोर्सिंग कर्मियों और इंजीनियरों) के भविष्य व रोजगार पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
कुछ देर पहले हुई बैठक
संयुक्त मोर्चा के शीर्ष नेताओं ने बताया कि बैठक में सरकार के गलत फैंसले के खिलाफ उतरने वाले है। इसके लिए चाहे उन्हें कुछ भी करना पड़े। बता दे की अक्सर देखा जाता है की बिजली कर्मचारी अक्सर ऐसे फैंसलों के खिलाफ डट कर खड़े होते है, लेकिन आज के समय में सरकार इसके फायदे गिनाकर अपना पला झाड़ लेती है। वहीँ दूसरी कर्मी इस निति को गलत बता रहे है। Haryana News